पंजाब के छतबीड़ चिड़ियाघर से रोहतक की तिलियार झील में लाए गए दरियाई घोड़े 'राजन' और 'सलूनी'
पंजाब के छतबीड़ चिड़ियाघर से लगभग 10 दिन पहले रोहतक की तिलियार झील में दो दरियाई घोड़े - राजन (उम्र 14 वर्ष) और सलोनी (उम्र 5 वर्ष) लाए गए हैं।
-
मुख्य खबर: पंजाब के छतबीड़ चिड़ियाघर से लगभग 10 दिन पहले दो नए मेहमानों—दरियाई घोड़े राजन और सलोनी—को रोहतक की तिलियार झील में लाया गया है
। ये दोनों बाड़े में बने हुए तालाब के अंदर दिनभर डुबकी लगाकर बैठे रहते हैं । ये कभी एक-दो सेकंड के लिए मुंह पानी से बाहर निकालते हैं और फिर डुबकी लगाकर अंदर छिप जाते हैं । इनकी इस अजब दिनचर्या को देखने के लिए दिनभर पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है । -
जोड़े की जानकारी: दरियाई घोड़ों के इस जोड़े में नर का नाम 'राजन' है, जिसकी उम्र 14 साल है, जबकि मादा का नाम 'सलूनी' है, जिसकी उम्र पांच साल की है
। दोनों के चिड़ियाघर में पहुंचने से यहां वन्यजीवों को देखने आने वाले पर्यटकों के लिए नया आकर्षण जुड़ गया है । लगभग 10 दिन पहले आए इन मेहमानों की मौजूदगी से रोहतक के लोगों में काफी उत्साह नजर आ रहा है । -
दरियाई घोड़े (हिप्पो) से जुड़े खास तथ्य:
-
दरियाई घोड़ा (हिप्पो) एक शाकाहारी जानवर है
। -
इसे बहुत खतरनाक माना जाता है क्योंकि इसका स्वभाव बहुत आक्रामक और अप्रत्याशित होता है
। फिर भी यह अफ्रीका के सबसे खतरनाक और घातक जानवरों में गिना जाता है । -
सुरक्षा, चिकित्सा और नियमित भोजन मिलने के कारण चिड़ियाघर या कैद में इनका जीवन लंबा हो सकता है, और इन्हें 55 से 60 वर्ष तक जीवित देखा गया है
। -
यह मुख्य रूप से छोटी घास खाता है और पानी के पौधों या फलों को यह बहुत कम पसंद करता है, साथ ही यह 80 पाउंड तक घास खा सकता है
। -
यह सूरज डूबने के बाद पानी से बाहर निकलकर चरने जाता है
। -
एक वयस्क नर हिप्पो का वजन आमतौर पर 1,500 से 1,800 किलोग्राम तक होता है, जबकि मादा का वजन लगभग 1,300 से 1,500 किलोग्राम होता है
।
-




