हरियाणा में 10,757 गेस्ट टीचर्स की 'न्याय रैली': शाहबाद में बिताई रात, चंडीगढ़ कूच रोकने के लिए बैरिकेड्स और वॉटर कैनन तैनात

हरियाणा के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से कार्यरत 10,757 गेस्ट टीचर्स अपनी नौकरी पक्की करने की मांग को लेकर 'न्याय रैली' निकाल रहे हैं।

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हरियाणा में 10,757 गेस्ट टीचर्स की 'न्याय रैली': शाहबाद में बिताई रात, चंडीगढ़ कूच रोकने के लिए बैरिकेड्स और वॉटर कैनन तैनात

हरियाणा के सरकारी स्कूलों में तैनात 10,757 गेस्ट टीचर्स अपनी सेवाओं के नियमितीकरण की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ एक बार फिर सड़कों पर उतर आए हैं। रविवार को कुरुक्षेत्र के पिपली स्थित ताज पार्क से शुरू हुई यह 'न्याय रैली' अब चंडीगढ़ कूच के मुख्य पड़ाव पर पहुँच चुकी है।

पिपली में जीटी रोड जाम और उग्र प्रदर्शन

रविवार दोपहर गेस्ट टीचर्स ने पिपली मिनी जू के पास जीटी रोड पर करीब 15 मिनट तक चक्का जाम किया, जिससे दिल्ली-अंबाला मुख्य मार्ग पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। इस प्रदर्शन के दौरान महिला (लेडी) गेस्ट टीचर्स ने सड़क पर बैठकर सरकार की नीतियों और वादाखिलाफी के खिलाफ उग्र नारेबाजी की। बाद में पुलिस प्रशासन ने यातायात को सर्विस लेन से डायवर्ट कर बहाल करवाया।

शाहबाद में रात्रि ठहराव और कार सेवा का लंगर

पिपली में प्रदर्शन के बाद पैदल आगे बढ़ते हुए शिक्षकों का जत्था अपने पहले पड़ाव शाहबाद पहुँचा। गेस्ट टीचर्स ने रात 'शहीद ऊधम सिंह स्मारक' परिसर में व्यतीत की। शिक्षकों के इस पैदल मार्च को देखते हुए स्थानीय गुरुद्वारा मंजी साहिब (कार सेवा) की ओर से आंदोलनकारी अध्यापकों के लिए रात के लंगर की व्यवस्था भेजी गई।

चंडीगढ़ कूच और प्रशासन की तैयारी

शाहबाद में रात बिताने के बाद गेस्ट टीचर्स सोमवार सुबह चंडीगढ़ में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने के उद्देश्य से दोबारा आगे बढ़ रहे हैं। वहीं, प्रदर्शनकारियों को चंडीगढ़ में प्रवेश करने से रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन ने रास्ते में बैरिकेड्स और वॉटर कैनन (पानी की बौछारें) तैनात कर दिए हैं।

मुख्य मांगें

  1. 2014 की नीति के तहत नियमितीकरण: 2014 की तीन वर्षीय नीति के तहत पात्र गेस्ट टीचर्स की सेवाएं तुरंत नियमित की जाएं।

  2. 2014 से एरियर व ब्याज: शिक्षकों को 28 मई 2014 से नियमित मानकर बकाया लाभ 6% ब्याज के साथ दिए जाएं।

  3. समान लाभ: ग्रेच्युटी, पेंशन और नियमित अध्यापकों की तर्ज पर अन्य सभी देय भत्ते प्रदान किए जाएं।