रोहतक जिले के ऐतिहासिक गांव जसिया स्थित जाट सेवा संघ एवं सर छोटूराम धाम में आज जाट राजनीति की एक बड़ी हलचल देखने को मिली। यहां पहुंचे अंतर्राष्ट्रीय जाट संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी दांतल ने अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक के साथ हाल ही में हुए मंच विवाद पर खुलकर अपनी बात रखी। मनु चौधरी ने आरोप लगाया कि यशपाल मलिक हरियाणा का नाम सुनते ही बुरी तरह भड़क जाते हैं और वे अतीत की गलतियों को सुनना ही नहीं चाहते।
मंच पर क्यों और कैसे हुई यशपाल मलिक से तीखी बहस?
मनु चौधरी दांतल ने बताया कि उत्तर प्रदेश के बुढ़ाना में समाज का एक कार्यक्रम आयोजित था, जहां वे बिना बुलाए भी समाज के नाते पहुंचे थे। विवाद उस समय शुरू हुआ जब मनु चौधरी को मंच से बोलने का मौका मिला।
मनु चौधरी ने कहा, "मैंने मंच से केवल इतना बोला था कि पूर्व में हरियाणा के अंदर जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जो गलतियां हुईं, उससे समाज का बहुत बड़ा नुकसान हुआ है और पूरा हरियाणा जला है। चाहे वह कोई साजिश रही हो या राजनीति, लेकिन यूपी में अब दोबारा बुढ़ाना से आंदोलन की जो मुहिम शुरू की जा रही है, उसमें हमें बेहद सावधान रहने की जरूरत है ताकि यूपी में हरियाणा जैसी विनाशकारी स्थिति पैदा न हो।"
इतना सुनते ही मंच पर मौजूद यशपाल मलिक अपना आपा खो बैठे। उन्होंने मनु चौधरी को टोकते हुए कहा कि जब वे नए सिरे से आंदोलन की शुरुआत कर रहे हैं, तो पुरानी गलतियों का जिक्र क्यों किया जा रहा है? इसी बात को लेकर दोनों बड़े नेताओं के बीच मंच पर ही तीखी कहासुनी और बहस हो गई।
31 अक्टूबर को गाजियाबाद में महा-सम्मेलन, इंटरनेशनल जाट संसद के अध्यक्ष ने रोहतक की पावन धरती से अपनी आगामी बड़ी रणनीति का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि आगामी 31 अक्टूबर 2026 को गाजियाबाद में अंतर्राष्ट्रीय जाट संसद एक बहुत बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है, जिसकी अंतिम रूपरेखा कल तैयार की जाएगी।
गाजियाबाद के बाद देश की राजधानी दिल्ली में भी एक महा-कार्यक्रम किया जाएगा। मनु चौधरी ने स्पष्ट किया कि इन आगामी कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य केवल आंदोलन खड़ा करना नहीं, बल्कि जाट समाज के युवाओं को रोजगार के नए अवसर देना, उनके अधिकारों की रक्षा करना और अन्य गंभीर सामाजिक मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा करना होगा।
यूपी चुनाव और 'हरियाणा जैसा रिस्क' लेने से युवाओं का इनकार, मनु चौधरी दांतल ने यशपाल मलिक की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में आगामी चुनाव आने वाले हैं, शायद इसीलिए मलिक ने एक बार फिर आरक्षण आंदोलन का राग अलापना शुरू किया है।
उन्होंने गंभीर लहजे में कहा कि आज पूरा देश और जाट समाज के युवा यशपाल मलिक से सवाल पूछ रहे हैं। सोशल मीडिया और वीडियो के माध्यम से युवाओं का भारी आक्रोश सामने आ रहा है। समाज का युवा अब 2016 जैसा आत्मघाती रिस्क दोबारा लेने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है। दांतल ने साफ किया कि अगर कोई ईमानदारी और बिना किसी राजनीतिक एजेंडे के समाज के लिए लड़ेगा, तो पूरा समाज उसका साथ देगा, लेकिन किसी को अपनी रोटियां सेकने की इजाजत नहीं दी जाएगी।