टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा खुलासा, आरोपियों को 34 हजार रुपये और विदेश में नौकरी का दिया गया था लालच

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े कथित फायरिंग मामले की जांच में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तीन आरोपियों को कथित तौर पर 34 हजार रुपये और विदेश में नौकरी का लालच दिया गया था।

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टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा खुलासा, आरोपियों को 34 हजार रुपये और विदेश में नौकरी का दिया गया था लालच

मनोरंजन डेस्क। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े कथित फायरिंग मामले की जांच में नए खुलासे होने का दावा किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिनेता को निशाना बनाने की कथित साजिश में शामिल तीन आरोपियों को 34 हजार रुपये देने और विदेश में नौकरी दिलाने का लालच दिया गया था। जांच में कथित हैंडलर, पैसों के लेन-देन, हथियारों की आपूर्ति और आरोपियों के आपसी संपर्कों की पड़ताल की जा रही है।

तीनों आरोपियों से पूछताछ में जुटी पुलिस

रिपोर्ट के अनुसार, मामले में पकड़े गए तीनों आरोपियों से कोटा के रेलवे कॉलोनी पुलिस स्टेशन में पूछताछ की गई। इसके बाद उन्हें मुंबई ले जाकर आगे की जांच किए जाने की तैयारी थी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित साजिश किसने तैयार की, आरोपियों को हथियार किसने उपलब्ध कराए और घटना के पीछे किन लोगों की भूमिका थी।

34 हजार रुपये और विदेश में नौकरी का कथित ऑफर

जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि आरोपियों को कथित तौर पर 34 हजार रुपये देने और विदेश में नौकरी दिलाने का लालच दिया गया था। अनिल पंडित नाम के व्यक्ति की भूमिका भी संदेह के घेरे में बताई गई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वह कैलिफोर्निया से इस नेटवर्क को संचालित कर रहा हो सकता है।

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। मामले में संबंधित व्यक्तियों की भूमिका जांच पूरी होने और आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

जांगी ऐप और क्यूआर कोड से भुगतान की जांच

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर जांगी ऐप के जरिए संपर्क में रहते थे। मुंबई में रहने के दौरान उनके खर्च के लिए ऑनलाइन पैसे भेजे जाने की बात भी सामने आई है। कथित तौर पर कुछ भुगतानों में स्थानीय दुकानदारों या अन्य लोगों के क्यूआर कोड का इस्तेमाल किया गया।

पुलिस जांच में इन लेन-देन के स्रोत, संबंधित खातों और आरोपियों के संपर्कों की कड़ियों का पता लगाना अहम माना जा रहा है।

घटना के बाद बदला हुलिया, यात्रा के दौरान कपड़े भी बदले

रिपोर्ट के अनुसार, कथित घटना के बाद आरोपियों ने अलग-अलग स्थानों से यात्रा की और पहचान छिपाने के लिए कपड़े बदलने तथा बाल कटवाने जैसे कदम उठाए। बताया गया है कि पुलिस ने उन्हें कोटा में पकड़ा। आरोपियों के पास से हथियार बरामद होने की जानकारी रिपोर्ट में नहीं दी गई है। पुलिस कथित हथियारों की आपूर्ति और उनके संभावित ठिकानों की भी जांच कर रही है।

हथियारों की सप्लाई और कथित नेटवर्क की पड़ताल

जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से इंदौर और मुंबई में मौजूद संपर्कों के माध्यम से हथियार उपलब्ध कराए जाने की आशंका जताई गई है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि हथियार किसी स्थान पर छिपाकर रखे जाते थे और आरोपियों को उनकी लोकेशन बताई जाती थी।

इसके अलावा, अमृतसर में एक कारोबारी पर कथित हमले के साथ इस मामले के संभावित संबंधों की भी पड़ताल किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच संबंध होने की आधिकारिक पुष्टि अभी उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

साजिश के पीछे शामिल लोगों का पता लगाने में जुटी पुलिस

फिलहाल जांच का मुख्य उद्देश्य कथित साजिश के पीछे मौजूद लोगों, पैसों के स्रोत, हथियारों की सप्लाई और आरोपियों के संपर्कों का पता लगाना है। पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।