एनसीईआरटी का बड़ा कदम: स्कूलों में 20 घंटे के मॉड्यूल से बच्चे सीखेंगे एआई एथिक्स और डीपफेक की पहचान

एनसीईआरटी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत कक्षा 9वीं से 12वीं के छात्रों के लिए 20 घंटे का एक विशेष आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉड्यूल शुरू किया है

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एनसीईआरटी का बड़ा कदम: स्कूलों में 20 घंटे के मॉड्यूल से बच्चे सीखेंगे एआई एथिक्स और डीपफेक की पहचान
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ने आईआईटी मद्रास और आईआईटी जोधपुर के सहयोग से कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए 20 घंटे का एक व्यावहारिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटेशनल थिंकिंग मॉड्यूल पेश किया है। इस कोर्स का मुख्य उद्देश्य छात्रों को बिना कोडिंग के एआई के नैतिक उपयोग और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है।
डीपफेक और भ्रामक जानकारी से बचाव
पाठ्यक्रम के 'व्हेन एआई गेट्स इट रॉन्ग' यूनिट के तहत छात्रों को कृत्रिम या फर्जी वीडियो, ऑडियो और तस्वीरों (डीपफेक) को पहचानने की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसके लिए छात्र 5-स्टेप वेरिफिकेशन मेथड (सोर्स, क्लेम टाइप, कंपैरिजन, पॉज और कॉन्फिडेंस) का इस्तेमाल करना सीख रहे हैं, जिससे वे इंटरनेट पर किसी भी जानकारी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
डेटा प्राइवेसी और एआई एथिक्स की समझ
सुरक्षित डिजिटल नागरिक बनाने के लिए छात्रों को भारत के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट, 2023 के बारे में पढ़ाया जा रहा है। इसके साथ ही उन्हें लोकप्रिय ऐप्स की प्राइवेसी पॉलिसी का विश्लेषण करना और एआई टूल्स में आधार, पैन या पासवर्ड जैसे संवेदनशील डेटा को शेयर न करने की हिदायत दी जा रही है।
यह मॉड्यूल पूरी तरह से गतिविधि-आधारित है, जिसे देश के सभी स्कूलों में कंप्यूटर के साथ या उसके बिना (अनप्लग्ड एक्टिविटीज के जरिए) आसानी से लागू किया जा सकता है। अधिक जानकारी और अपडेट के लिए केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (CIET) की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट किया जा सकता है।