​​​हरियाणा में ट्रांसफर-पोस्टिंग पर MLA-मंत्री नाराज:BJP विधायक दल की मीटिंग में मुद्दा उठा; CM से बोले- हमारी फाइलें जलेबी की तरह घूम रही

हरियाणा में कर्मचारियों और अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर फिर से मंत्री और विधायकों की नाराजगी सामने आई है। इस बार ये नाराजगी हाल ही में हुई विधायक दल की मीटिंग में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सामने उजागर हुई। 29 जुलाई को चंडीगढ़ स्थित संत कबीर कुटीर में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता

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​​​हरियाणा में ट्रांसफर-पोस्टिंग पर MLA-मंत्री नाराज:BJP विधायक दल की मीटिंग में मुद्दा उठा; CM से बोले- हमारी फाइलें जलेबी की तरह घूम रही

हरियाणा में कर्मचारियों और अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर फिर से मंत्री और विधायकों की नाराजगी सामने आई है। इस बार ये नाराजगी हाल ही में हुई विधायक दल की मीटिंग में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सामने उजागर हुई। 29 जुलाई को चंडीगढ़ स्थित संत कबीर कुटीर में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई इस मीटिंग में सभी मंत्री और भाजपा विधायक शामिल हुए थे। मीटिंग में दक्षिण हरियाणा से पार्टी के एक विधायक ने ट्रांसफर-पोस्टिंग का मुद्दा उठा दिया। उन्होंने CM सैनी से कहा- वह पिछले काफी समय से कुछ ट्रांसफर करवाने के लिए CMO के अधिकारियों को कह रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। पार्टी विधायक ने यहां तक कह दिया कि मैं ताे एक सामान्य विधायक हूं, यहां तो मंत्रियों के कहने पर भी ट्रांसफर नहीं होते हैं। विधायक की इस बात का कैबिनेट के कई मंत्रियों ने भी समर्थन किया। मीटिंग में विधायक के मुद्दा उठाए जाने के बाद एक कैबिनेट मंत्री ने यहां तक कह दिया कि हमारी ट्रांसफर पोस्टिंग की फाइलों को जलेबी की तरह घुमाया जाता है।

सरकार ने ट्रांसफर प्रक्रिया को पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए नई ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी का जून में नोटिफिकेशन जारी किया है। अधिकारियों पर नाराज हो गए CM सूत्रों का कहना है कि मीटिंग में इस मुद्दे को लेकर CM काफी असहज हो गए। उन्होंने इसके लिए CMO के HCS रैंक के एक अधिकारी को लताड़ लगाई। CM ने स्पष्ट किया कि मंत्रियों और विधायकों की ट्रांसफर फाइलों को बेवजह रोकने की जरूरत नहीं है। इसके बाद जब विधायक मीटिंग छोड़कर अपने विधानसभा की ओर रवाना हुए तो संबंधित अधिकारी ने फोन कर बुलाकर उनकी ट्रांसफर-पोस्टिंग की फाइलों को ओके किया। कैबिनेट मंत्रियों की 1500 से अधिक ट्रांसफर फाइलें अटकी सूत्रों का कहना है कि हरियाणा सीएमओ में विधायकों के अलावा कैबिनेट मंत्रियों की 1500 से अधिक फाइलें अटकी हैं। मीटिंग में कई कैबिनेट मंत्रियों ने सीएम को बताया कि वह पिछले कई दिनों से सीएमओ के अधिकारियों से फाइलों का निपटारा करने के लिए कह रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी फाइलों पर काम नहीं हुआ है।

दक्षिण हरियाणा के एक कैबिनेट मंत्री ने सीएम को बताया कि उनकी 200 से अधिक ट्रांसफर फाइलें हैं, जो अभी अटकी हुई हैं। इसके बाद कई मंत्रियों ने सीएम के सामने ही अपनी ट्रांसफर फाइलों की संख्या बताई। ट्रांसफर-पोस्टिंग के ये हैं 2 प्रोसेस... 1. सिफारिश नोट पर होते हैं ट्रांसफर हरियाणा में ट्रांसफर-पोस्टिंग का पहला प्रोसेस विधायक या मंत्री की तरफ से सिफारिश नोट है। इनके द्वारा CMO में अधिकारी या कर्मचारी के ट्रांसफर का सिफारिशी नोट भेजा जाता है। इनको देखने के लिए CMO में एक HCS रैंक के अधिकारी को OSD लगाया हुआ है। इस सिफारिशी नोट पर ये OSD जगह खाली होने पर ट्रांसफर की मंजूरी देता है। जब विभाग में जगह नहीं होती है तो ऐसे सभी मामलों का OSD एक नोट बनाकर CM से मिलकर मंजूरी लेता है।

2. मंत्रियों के जरिए होती है फाइल मूव ट्रांसफर-पोस्टिंग का दूसरा प्रोसेस भी है। इस प्रोसेस में संबंधित विधायक, मंत्रियों को आवेदन देते हैं। मंत्री संबंधित महकमें के एसीएस रैंक के अधिकारी को मार्क कर देते हैं। वहां से फाइल बनकर फिर वाया मंत्री से होते हुए CM के पास पहुंचती है। इसके बाद CM की मंजूरी मिलने के बाद अधिकारी या कर्मचारी का ट्रांसफर होता है। CM सैनी ट्रांसफर का हक देने से कर चुके इनकार हरियाणा में कर्मचारियों के ट्रांसफर का हक मांगने वाले मंत्रियों को CM नायब सैनी ने पहले ही बड़ा झटका दे चुके हैं। CM ने कह चुके हैं कि हमारे तो सारे ट्रांसफर ऑनलाइन होते हैं, उसमें कैसे किसी को पावर देंगे। अगर किसी को ट्रांसफर कराना है तो ऑनलाइन अप्लाई करना चाहिए। फिर भी किसी को दिक्कत है तो DC के नेतृत्व में कमेटी बनी है, वहां पर कर्मचारी अपने ट्रांसफर की अर्जी दे सकता है, जहां उसकी समस्या दूर की जाएगी। चपरासी तक का भी ट्रांसफर नहीं कर सकते मंत्री राज्य में मंत्रियों को ट्रांसफर के मामले में कोई अधिकार नहीं है।

वह ग्रुप-D जिसमें माली, स्वीपर, चपरासी जैसे पद आते हैं, उनको भी नहीं बदल सकते। सारे ट्रांसफर CM ऑफिस से होते हैं। यह सारा काम मुख्यमंत्री ऑफिस में नियुक्त OSD लेवल के HCS अधिकारी देखते हैं। प्रदेश में ट्रांसफर-पोस्टिंग का पूरा अधिकार मुख्यमंत्री के पास है। अगर किसी कर्मचारी या अधिकारी की ट्रांसफर करना हो तो पहले मुख्यमंत्री से पूछना पड़ता है, उसके बाद OSD इसके आदेश जारी करते हैं। खट्‌टर के दूसरे टर्म में बंद हुए अधिकार हरियाणा सरकार में मंत्रियों को पहले साल के भीतर एक महीने ग्रुप-B (सेकेंड क्लास) तक ट्रांसफर के अधिकार मिलते थे। यह अधिकार 2019 में दूसरे टर्म की सरकार में तत्कालीन CM मनोहर लाल ने भी दिए। हालांकि मनोहर लाल ने 2019 में मंत्रियों को 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक तबादलों की पावर दी थी। इसके आगे के 4 साल यानी 2020 से 2024 तक मंत्रियों के पास कोई अधिकार नहीं थे। दूसरे टर्म के अंत में नायब सैनी सीएम बन गए, लेकिन ट्रांसफर के अधिकारों की यह प्रक्रिया ऐसे ही चली आ रही है।

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