रोहतक में बॉस्केटबॉल प्लेयर की मौत से खिलाड़ियों में गुस्सा:बोले-जून में MP कोटे से आया पैसा, टेंडर होने पर नहीं हुआ कोई काम
रोहतक जिले के ब्लॉक लाखनमाजरा में नेशनल लेवल के बॉस्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी की पोल गिरने से हुई मौत मामले में खिलाड़ियों और कोच के अंदर गुस्सा देखने को मिला। कोच ने इसे हादसा नहीं बल्कि सामूहिक मर्डर करार दिया, क्योंकि पंचायती राज विभाग की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ।
रोहतक जिले के ब्लॉक लाखनमाजरा में नेशनल लेवल के बॉस्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी की पोल गिरने से हुई मौत मामले में खिलाड़ियों और कोच के अंदर गुस्सा देखने को मिला। कोच ने इसे हादसा नहीं बल्कि सामूहिक मर्डर करार दिया, क्योंकि पंचायती राज विभाग की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। लाखनमाजरा में 5 एकड़ के अंदर दो ग्राउंड कांग्रेस सरकार में 2009 के अंदर बनाए गए थे, जिनमें दो बॉस्केटबॉल ग्राउंड भी शामिल है। एक जूनियर खिलाड़ियों के लिए और दूसरा सीनियर खिलाड़ियों के लिए बनाया था। 2016 में खिलाड़ियों ने अपने पैसे से ही पोल बदलवाए थे, जिसके बाद किसी ने स्टेडियम की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया।
सांसद कोटे का जून में आया पैसा, अक्टूबर में हुआ टेंडर सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने लाखनमाजरा स्टेडियम के लिए 7 नवंबर 2023 को सांसद निधि से 12 लाख 30 हजार रुपए की ग्रांट दी। लेकिन स्टेडियम की मरम्मत का बजट साढ़े 18 लाख के करीब बना तो दीपेंद्र हुड्डा ने 26 जून 2025 को 6 लाख 20 हजार रुपए की ग्रांट और दी। पैसा मिलने के बाद अक्टूबर में टेंडर किया गया, लेकिन अभी तक कोई काम नहीं हुआ। सबको पता था पोल कमजोर है, लेकिन सरकार ने कुछ नहीं किया स्टेडियम में प्रैक्टिस करने आए खिलाड़ी रोहित राठी ने बताया कि हार्दिक राठी प्रैक्टिस कर रहा था। पोल कमजोर था, यह हार्दिक को भी पता था। कई बार शिकायत कर चुके थे, लेकिन सरकार ने कुछ नहीं किया।
प्रैक्टिस के दौरान ही पोल गिरा, जिसे देखकर अन्य खिलाड़ी भागे और हार्दिक को तुरंत डॉक्टर के पास लेकर गए, लेकिन हार्दिक की जान नहीं बची। 5 दिन बाद स्कूली जूनियर नेशनल खेलने की तैयारी में था हार्दिक रोहित राठी ने बताया कि हार्दिक का चयन स्कूल जूनियर नेशनल बॉस्केटबाल चैंपियनशिप के लिए हो गया था और 5 दिन बाद ही चैंपियनशिप शुरू होनी थी। उसी की प्रैक्टिस के लिए हार्दिक आया था। स्टेडियम में बॉस्केटबॉल के 30 से अधिक खिलाड़ी प्रैक्टिस करने आते है। 4 साल से स्टेडियम की हालत को लेकर शिकायत कर रहे है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। प्रैक्टिस के दौरान तीसरी बार रिंग को हाथ लगाते ही गिरा पोल बॉस्केटबॉल कोच खड़क सिंह ने बताया कि सुबह करीब साढ़े 10 बजे बच्चे प्रैक्टिस कर रहे थे।
हार्दिक सिंगल वाली प्रैक्टिस कर रहा था। हार्दिक ने दो बार रिंग को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन कामयाब नहीं हुआ। तीसरी बार जब प्रयास किया तो रिंग पकड़ लिया और रिंग पकड़ते ही पोल गिर उसके ऊपर गिर गया। हार्दिक को हटने का मौका भी नहीं मिला। सरकार और खेल विभाग जिम्मेदार- कोच कोच खड़क सिंह ने बताया कि हादसे के बाद 15 से 20 मिनट में हार्दिक को लेकर डॉक्टर के पास पहुंच गए थे, लेकिन हार्दिक की जान नहीं बचा सके। स्टेडियम की मरम्मत को लेकर 2 महीने पहले ही टेंडर हुआ है, लेकिन काम अभी तक नहीं हुआ। खेल विभाग और सरकार से कई बार कोच मोहित राठी मिल चुके है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कोच खड़क सिंह ने कहा कि हार्दिक की हादसे में मौत नहीं हुई, बल्कि उसका सामूहिक मर्डर किया है। इसमें हरियाणा सरकार और खेल विभाग, दोनों जिम्मेदार है।
अगर स्टेडियम की समय पर मरम्मत करवाते तो हादसा नहीं होता। पंचायती राज विभाग की लापरवाही के कारण हुआ हादसा लाखनमाजरा के सरपंच प्रतिनिधि संदीप सिंह ने बताया कि पंचायती राज विभाग की तरफ से टेंडर करने में ढील बरती गई। एमपी कोटे से पंचायती राज विभाग को जून माह में साढे 18 लाख के करीब रुपए मिल चुके थे, लेकिन अक्टूबर में टेंडर लगाया गया। टेंडर होने के बाद भी कोई काम नहीं किया। स्टेडियम का कोई रखरखाव नहीं कर रहा सरपंच प्रतिनिधि संदीप ने बताया कि स्टेडियम में दो ग्राउंड है, जिनके लिए 4 पोल आने थे। सीनियर और जूनियर के ग्राउंड का एक बार पोल 2016 में बदला गया था, जिसे वह खुद लगाकर आए थे। 5 एकड़ में बने स्टेडियम का कोई रखरखाव नहीं कर रहा। सरकार और प्रशासन बिल्कुल भी स्टेडियम की तरफ ध्यान नहीं दे रहे। सरपंच प्रतिनिधि संदीप ने बताया कि स्टेडियम में बॉस्केटबॉल की खेल नर्सरी भी है, जिसके कोच मोहित राठी है। स्टेडियम की हालत को लेकर सीएम से भी मुलाकात की थी। लेकिन आश्वासन के अलावा कोई काम नहीं हुआ। अगर समय रहते पोल बदला जाता तो हार्दिक राठी आज उनके बीच होता।




