रोहतक: 170 पुराने ऑटो सड़कों से हटाए गए, चालकों के लिए वर्दी और नेम प्लेट लगाना अनिवार्य
रोहतक पुलिस ने यात्रियों और खासकर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यातायात व्यवस्था में कड़े कदम उठाए हैं।
रोहतक में यातायात पुलिस का सुरक्षा अभियान: 170 पुराने ऑटो सीज, चालकों के लिए ड्रेस कोड व नेम प्लेट अनिवार्य
रोहतक शहर और जिले की सड़कों पर दौड़ने वाले ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की पहचान अब और अधिक आसान होने जा रही है। आपराधिक घटनाओं पर रोक लगाने और यात्रियों — विशेषकर महिलाओं — की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रोहतक यातायात पुलिस ने चालकों के लिए वर्दी पहनना और उस पर नेम प्लेट लगाना अनिवार्य करने का फैसला किया है।
सर्दियों में अंधेरा और सुरक्षा की चुनौतियां
पुलिस के अनुसार, सर्दियों के मौसम में शाम को जल्दी अंधेरा होने के कारण सार्वजनिक परिवहन में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कई चुनौतियां सामने आती हैं। किसी आपराधिक घटना या शिकायत के बाद चालकों की पहचान करना अक्सर मुश्किल साबित होता है।
इसी समस्या के समाधान के लिए वर्दी और नेम प्लेट की व्यवस्था लागू की जा रही है, जिससे चालक की तुरंत और स्पष्ट पहचान हो सके और किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में पुलिस तुरंत कार्रवाई कर सके।
10 साल पुराने 170 ऑटो सड़कों से हटाए गए
यातायात पुलिस ने 10 साल से पुराने ऑटो चालकों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया है:
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सीज किए गए वाहन: अब तक लगभग 170 पुराने ऑटो सीज कर सड़कों से हटाए जा चुके हैं।
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निगरानी: 10 साल से अधिक पुराने वाहनों के अवैध संचालन पर पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है।
रोहतक में वाहनों के आंकड़े
रोहतक में दैनिक आवाजाही के लिए ऑटो और ई-रिक्शा सार्वजनिक परिवहन का मुख्य साधन हैं:
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पंजीकृत ऑटो: लगभग 4,000
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पंजीकृत ई-रिक्शा: 2,000 से अधिक
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दैनिक यात्री: हजारों की संख्या में रोजाना सफर करते हैं।
पुलिस प्रशासन का बयान
यातायात पुलिस प्रभारी राम निवास ने बताया:
"10 साल से पुराने ऑटो और सड़कों पर अनधिकृत रूप से चलने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। चालकों के लिए ड्रेस कोड और नेम प्लेट की प्रक्रिया लागू की जा रही है। हमारा मुख्य उद्देश्य यात्रियों को एक सुरक्षित माहौल प्रदान करना और आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाना है।"




