रोहतक में 'दिशा' बैठक को लेकर सियासत: पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने लोकसभा अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन, सांसद दीपेंद्र हुड्डा पर लगाया राजनीति का अखाड़ा बनाने का आरोप

रोहतक से पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने नई दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ एक ज्ञापन सौंपा।

रोहतक में 'दिशा' बैठक को लेकर सियासत: पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने लोकसभा अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन, सांसद दीपेंद्र हुड्डा पर लगाया राजनीति का अखाड़ा बनाने का आरोप
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रोहतक के पूर्व राज्य मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता मनीष ग्रोवर ने नई दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की और कांग्रेस के रोहतक सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ एक लिखित ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई व संज्ञान लेने की मांग की। पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद 'दिशा' समिति की आधिकारिक बैठकों को जनहित और विकास कार्यों की समीक्षा करने के बजाय राजनीति का मंच बना रहे हैं।

'दिशा' बैठक का मुख्य उद्देश्य और सांसद की भूमिका

पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने लोकसभा अध्यक्ष को अवगत कराया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जुलाई 2016 में गठित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति का मुख्य उद्देश्य जिलों में केंद्र सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करना तथा उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। नियमानुसार इस समिति की अध्यक्षता संबंधित क्षेत्र के लोकसभा सांसद करते हैं, लेकिन रोहतक में सांसद अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय राजनीतिक एजेंडा चला रहे हैं।

16 अक्टूबर की बैठक का हवाला: 85 में से सिर्फ 24 योजनाओं पर हुई चर्चा

मनीष ग्रोवर ने ज्ञापन में 16 अक्टूबर को रोहतक में हुई दिशा समिति की बैठक का विशेष उल्लेख किया:

  • देरी से शुरुआत: बैठक अपने निर्धारित समय से करीब 2 घंटे देरी से शुरू हुई।

  • एजेंडे से भटकाव: विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय बैठक में ऐसे गैर-संबद्ध विषय उठाए गए, जिनका दिशा समिति के तय एजेंडे से कोई सीधा संबंध नहीं था।

  • योजनाओं की अनदेखी: जिले में लागू केंद्र सरकार की कुल 85 योजनाओं में से केवल 24 योजनाओं की ही समीक्षा हो सकी, जबकि 61 महत्वपूर्ण विकास योजनाएं बिना चर्चा के रह गईं।

पूर्व मंत्री ने कहा कि विकास योजनाओं की निगरानी में इस तरह की लापरवाही आम जनता के अधिकारों और जिले के विकास के साथ खिलवाड़ है।

लोकसभा अध्यक्ष से सख्त दिशा-निर्देश जारी करने की मांग

पूर्व मंत्री ग्रोवर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से आग्रह किया कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि भविष्य में 'दिशा' की बैठकें तय नियमावली और एजेंडे के अनुसार ही आयोजित हों। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक और जनप्रतिनिधि होने के नाते यह उनका कर्तव्य है कि वे जनहित के मुद्दों को सही मंच पर उठाएं।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ज्ञापन को स्वीकार करते हुए मामले में नियमानुसार आवश्यक संज्ञान लेने का आश्वासन दिया।