नाबालिग को देह-व्यापार में धकेलने वाले 8 दोषियों को उम्रकैद: रोहतक कोर्ट का फैसला; पीड़िता को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश

रोहतक की एक अदालत ने जून 2022 में एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसे जबरन देह व्यापार और बार-बार सामूहिक बलात्कार में धकेलने के जुर्म में 8 आरोपियों को आजीवन कारावास सजा सुनाई है।

नाबालिग को देह-व्यापार में धकेलने वाले 8 दोषियों को उम्रकैद: रोहतक कोर्ट का फैसला; पीड़िता को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश
Image source (Bhaskar)

रोहतक-जून 2022 में रोहतक की एक कॉलोनी में रहने वाली नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसे जबरन देह व्यापार और दरिंदगी में धकेलने के जघन्य मामले में अदालत का बड़ा फैसला आया है। रोहतक कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए 8 आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास सख्त सजा सुनाई है।

साथ ही अदालत ने दोषियों पर जुर्माना लगाते हुए निर्देश दिया है कि जुर्माने की राशि में से 5 लाख रुपये पीड़ित नाबालिग को मुआवजे के रूप में दिए जाएं।

पड़ोस की महिलाओं ने ही दिया चकमा

पीड़िता ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया था कि 30 जून 2022 को वह दूध लेने और 5 हजार रुपये उधार मांगने के लिए पड़ोस की एक महिला के घर गई थी। पड़ोसी महिला ने एक अन्य महिला को अपने घर बुलाया और नाबालिग को खाना खिलाकर नशीला पदार्थ या भारी नींद का बहाना बनाकर सुला दिया। रात करीब 10 बजे जब पीड़िता उठी, तो कमरे में 4 अनजान युवक मौजूद थे।

सुनसान जगहों और खेतों के कोठड़े में ले जाकर किया रेप

आरोपी नाबालिग को जबरन गाड़ी में बैठाकर एक रेतीले मैदान में बने सुनसान मकान में ले गए। वहां से पीड़िता के साथ कई चरणों में दरिंदगी की गई:

  • पहली जगह: बाइक सवार आरोपी एक कमरे में ले गया और दूसरे व्यक्ति को बुलाकर गलत काम करवाया।

  • दूसरी जगह: रात 12 बजे बाइक सवार उसे दूसरी जगह ले गया, जहां एक अन्य आरोपी ने उसके साथ दो बार बलात्कार किया।

  • तीसरी जगह (खेतों का कोठड़ा): सुबह 5 बजे आरोपी उसे गाड़ी में बैठाकर खेतों में बने एक कोठड़े में ले गए और फिर दुष्कर्म किया।

  • चौथी जगह: इसके बाद उसे एक झोपड़ी में ले जाया गया, जहां एक और व्यक्ति को बुलाकर उसके साथ दरिंदगी की गई।

पूर्व एमसी के ऑफिस से हुई थी बरामदगी

पड़ोस की रहने वाली 2 महिलाओं ने ही साजिश रचकर नाबालिग का अपहरण करवाया था और उसे देह व्यापार के चंगुल में फंसाया था। पुलिस जांच के बाद पीड़िता को पूर्व पार्षद के ऑफिस से बरामद किया गया था। इस मामले में पूर्व एमसी के खिलाफ भी अलग से कानूनी कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किया गया था।

अदालत ने सबूतों और गवाहों के आधार पर सभी 8 आरोपियों को दोषी पाते हुए उन्हें अंतिम सांस तक/आजीवन कारावास की सजा सुनाई।