गेस्ट टीचर्स की सरकार के साथ वार्ता विफल: पक्का करने की मांग को लेकर CPS राजेश खुल्लर से मिले शिक्षक

हरियाणा में 10 हजार से अधिक गेस्ट टीचर्स को पक्का करने की मांग को लेकर सरकार और शिक्षकों के बीच गतिरोध बरकरार है।

गेस्ट टीचर्स की सरकार के साथ वार्ता विफल: पक्का करने की मांग को लेकर CPS राजेश खुल्लर से मिले शिक्षक

चंडीगढ़: हरियाणा में 10 हजार से ज्यादा गेस्ट टीचर्स को पक्का करने की मांग को लेकर सरकार और शिक्षकों के बीच आमने-सामने की स्थिति बनी हुई है। गेस्ट टीचर्स पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को लागू करते हुए खुद को पक्का करने की मांग कर रहे हैं, जबकि हरियाणा सरकार इस संदर्भ में उन्हें पक्का न करने को लेकर स्पीकिंग ऑर्डर जारी कर चुकी है।

इसी सिलसिले में गेस्ट टीचर्स के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी  राजेश खुल्लर के साथ चंडीगढ़ में मुलाकात की। हालांकि, करीब आधे घंटे तक चली इस बैठक में दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति नहीं बन सकी और वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई। बैठक विफल रहने के बाद अब गेस्ट टीचर्स आगे की रणनीति बनाने में जुट गए हैं।

"कॉलेज लेक्चरर्स पक्के, फिर हमारे साथ भेदभाव क्यों?"

गेस्ट टीचर्स ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2014 की नीति के तहत हारट्रोन  के माध्यम से लगे 58 कर्मचारियों को पक्का किया जा चुका है। इसके अलावा, कॉलेजों में कार्यरत गेस्ट लेक्चरर्स को भी कमेटी की सिफारिशों के बाद पक्का कर दिया गया है। शिक्षकों का कहना है कि गेस्ट टीचर्स और लेक्चरर्स दोनों के लिए कमेटियां गठित की गई थीं, लेकिन कॉलेज कमेटी की तर्ज पर गेस्ट टीचर्स के लिए कोई राहत भरा फैसला नहीं लिया गया।

"कोर्ट से केस जीते, फिर भी लागू नहीं कर रही सरकार"

गेस्ट टीचर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा के मीडिया प्रभारी अजय लोहान ने कहा कि शिक्षक अदालत से केस जीतकर आए हैं, लेकिन सरकार कोर्ट के फैसले को लागू करने के बजाय नकारात्मक स्पीकिंग ऑर्डर जारी कर रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार को 3 साल की नीति के तहत गेस्ट टीचर्स को तुरंत पक्का करना चाहिए और अदालती आदेशों का सम्मान करना चाहिए।