रोहतक में इनेलो युवा प्रदेशाध्यक्ष भूपेंद्र राठी का हमला: बोले- हुड्डा परिवार का हाथ BJP के साथ; प्रदेश में बदमाशों का बोलबाला

रोहतक में इनेलो के युवा प्रदेशाध्यक्ष व पूर्व विधायक नफे सिंह राठी के बेटे भूपेंद्र राठी ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है।

रोहतक में इनेलो युवा प्रदेशाध्यक्ष भूपेंद्र राठी का हमला: बोले- हुड्डा परिवार का हाथ BJP के साथ; प्रदेश में बदमाशों का बोलबाला

रोहतक: इनेलो के युवा प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व विधायक स्वर्गीय नफे सिंह राठी के बेटे भूपेंद्र राठी ने रोहतक में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी  और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा में कांग्रेस का हुड्डा परिवार और भाजपा आपस में मिले हुए हैं और प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।

हुड्डा और भाजपा के बीच अंदरूनी सांठगांठ का आरोप

भूपेंद्र राठी ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के रोहतक दौरे के दौरान सांसद दीपेंद्र हुड्डा द्वारा उनका स्वागत किया जाना दोनों दलों की आपसी मिलीभगत को उजागर करता है।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, "जब इनेलो रोहतक में रैली करती है, तो दीपेंद्र हुड्डा को तकलीफ होती है और वे मीडिया में बयानबाजी करते हैं। लेकिन भाजपा अध्यक्ष के आने पर वे स्वागत की बातें करते हैं। इससे यह साबित हो गया है कि जनता का यह कहना बिल्कुल सही है— हुड्डा परिवार का हाथ भाजपा के साथ है।"

'रोहतक में बदमाशों का बोलबाला, भाजपा कर रही ढकोसलेबाजी'

प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इनेलो नेता ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोहतक आकर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उन्हें शहर का जमीनी सच दिखाई नहीं दे रहा।

राठी ने कहा, "जिस पार्क के सामने भाजपा अध्यक्ष प्रदर्शन कर रहे थे, उस इलाके में सैकड़ों दुकानदारों से बदमाशों द्वारा फिरौती (रंगदारी) मांगी गई है। क्या नितिन नबीन या सरकार के किसी मंत्री ने एक भी पीड़ित व्यापारी की दुकान पर जाकर हाल-चाल पूछा? भाजपा सिर्फ यह दिखाने के लिए ढकोसलेबाजी कर रही है कि वे रोहतक में जिंदा हैं, जबकि असलियत में जनता के लिए आवाज उठाने से ही कोई राजनीतिक दल जिंदा रहता है।"

46,500 नौकरियों का प्रमाण दे सरकार

भर्ती और बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए भूपेंद्र राठी ने कहा कि जब भी देश का युवा सरकार से सवाल पूछता है, तो उन्हें देशद्रोही, पाकिस्तानी या बांग्लादेशी बता दिया जाता है।

उन्होंने मांग की:

  1. नौकरियों का सबूत: प्रदेश सरकार जो 46,500 युवाओं को नौकरी देने का दावा कर रही है, उसका सार्वजनिक प्रमाण दिया जाए।

  2. वार्षिक भर्ती कैलेंडर: सरकार ने आज तक भर्तियों का कोई वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी नहीं किया है। युवाओं को यह नहीं पता कि कौन सी परीक्षा कब होगी और जॉइनिंग कब मिलेगी।

  3. अटकी भर्तियां: हरियाणा पुलिस, फॉरेस्ट गार्ड और लाइनमैन जैसी कई महत्वपूर्ण भर्तियां लंबे समय से लटकी हुई हैं, जिनका निपटारा जल्द किया जाए।