पानी की बर्बादी रोकने के लिए काटे जाएंगे अवैध कनेक्शन: होटल, ढाबे, वाहन धुलाई सेंटर व आरओ प्लांटों की होगी जांच; पब्लिक हेल्थ की 2 टीमों का गठन

रोहतक शहर में नहरी पानी के दुरुपयोग और पानी की बर्बादी पर अंकुश लगाने के लिए पब्लिक हेल्थ विभाग ने एक विशेष अभियान शुरू करने की तैयारी की है।

 3
पानी की बर्बादी रोकने के लिए काटे जाएंगे अवैध कनेक्शन: होटल, ढाबे, वाहन धुलाई सेंटर व आरओ प्लांटों की होगी जांच; पब्लिक हेल्थ की 2 टीमों का गठन

शहर में पानी की बर्बादी रोकने और नहरी पानी के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के लिए पब्लिक हेल्थ विभाग ने अभियान चलाने की तैयारी की है। इसके तहत होटल, ढाबे, रेस्तरां, वाहन धुलाई सर्विस सेंटर और आरओ प्लांटों की जांच की जाएगी।

विभाग ने अभियान को प्रभावी तरीके से चलाने के लिए दो टीमों का गठन किया है। ये टीमें संबंधित प्रतिष्ठानों में पानी के कनेक्शनों की संख्या, उनकी वैधता और पानी के इस्तेमाल की स्थिति की जांच करेंगी। जांच के दौरान यदि किसी प्रतिष्ठान पर एक से अधिक पानी के कनेक्शन पाए जाते हैं, तो अतिरिक्त कनेक्शन काटे जाएंगे तथा नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।

50 से अधिक संस्थानों में अवैध/अतिरिक्त कनेक्शन की आशंका:

विभाग के अधिकारियों के अनुसार, शहर में कई ऐसे व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं, जहां पानी के एक से अधिक कनेक्शन होने की जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, शहर में 50 से अधिक होटल और वाहन धुलाई सर्विस सेंटर ऐसे हैं, जिनके पास दो या इससे अधिक पानी के कनेक्शन हैं। विभाग अब इनकी वास्तविक स्थिति की जांच करेगा।

घरेलू इस्तेमाल के लिए है नहरी पानी की सप्लाई:

अधिकारियों का कहना है कि नहरी पानी का उपयोग केवल घरेलू जरूरतों के लिए किया जाना चाहिए, व्यावसायिक गतिविधियों के लिए नहीं। इसके बावजूद कुछ प्रतिष्ठानों में पानी का इस्तेमाल व्यावसायिक कार्यों में होने की आशंका है। वाहन धुलाई सेंटरों, होटलों, ढाबों, रेस्तरां और आरओ प्लांटों में बड़ी मात्रा में पानी खर्च होता है, इसलिए इन स्थानों पर कनेक्शनों की गहन जांच होगी।

नियमानुसार कनेक्शनों की जांच करेगी टीमें:

पब्लिक हेल्थ की ओर से गठित दोनों टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में प्रतिष्ठानों की जांच करेंगी। टीमें यह पता लगाएंगी कि संबंधित प्रतिष्ठान के पास कितने पानी के कनेक्शन हैं, कनेक्शन नियमानुसार लिए गए हैं या नहीं, और पानी का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा है।

अधिकारी का बयान: "नहरी पानी का प्रयोग कमर्शियल तौर पर नहीं किया जा सकता। जो लोग नहरी पानी का प्रयोग कमर्शियल में कर रहे हैं, उनके खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। दो टीमों का गठन किया है। अभियान की शुरुआत जल्द की जाएगी ताकि पानी की बर्बादी रोकी जा सके।" — राजेश रोहिल्ला, एसडीओ पब्लिक हेल्थ