रोहतक अनाज मंडी पहुंचे कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा: धान और बाजरा खरीद का लिया जायजा, अधिकारियों को दी खरी-खरी—'किसानों को न हो कोई परेशानी'

हरियाणा सरकार के नवनियुक्त कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा ने आज रोहतक की नई अनाज मंडी का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां धान और बाजरे की सरकारी खरीद व उठान के प्रबंधों का जायजा लिया।

 4
रोहतक अनाज मंडी पहुंचे कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा: धान और बाजरा खरीद का लिया जायजा, अधिकारियों को दी खरी-खरी—'किसानों को न हो कोई परेशानी'
रोहतक:
हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री का पद संभालने के बाद डॉ. अरविंद शर्मा एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में आज उन्होंने रोहतक की नई अनाज मंडी का औचक दौरा किया। त्योहारों के इस सीजन में मंडियों में फसल की भारी आवक को देखते हुए मंत्री ने खुद धरातल पर उतरकर धान और बाजरे की खरीद, तौल और उठान (लिफ्टिंग) के प्रबंधों की समीक्षा की।
किसानों और आढ़तियों से सीधा संवाद
मंडी पहुंचने के बाद कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा सीधे उन शेड्स और फड़ों पर गए जहां किसानों की फसलें रखी हुई थीं। उन्होंने वहां मौजूद किसानों से बातचीत कर पूछा कि उन्हें अपनी फसल बेचने में कोई समस्या तो नहीं आ रही है या मंडी प्रशासन द्वारा कोई अनुचित कटौती तो नहीं की जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने मंडी के आढ़तियों (व्यापारियों) की समस्याएं भी सुनीं और उनके समयबद्ध निवारण का आश्वासन दिया।
अधिकारियों को सख्त हिदायत: 'लापरवाही पर होगी सीधे कार्रवाई'
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने मंडी सचिव और खरीद एजेंसियों के अधिकारियों की क्लास भी लगाई। उन्होंने पाया कि कुछ जगहों पर फसल का उठान उम्मीद के मुताबिक तेज नहीं है। अरविंद शर्मा ने अधिकारियों को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा, "किसान हमारी प्राथमिकता हैं। फसल खरीद पोर्टल सुचारू रूप से चलना चाहिए और किसानों के खातों में तय समय के भीतर (72 घंटों में) भुगतान पहुंच जाना चाहिए। अगर किसी भी अधिकारी की लापरवाही के कारण किसान को मंडी में रात काटनी पड़ी या परेशानी हुई, तो सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।"
मंडी में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश
कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडी में आने वाले किसानों के लिए पीने के साफ पानी, छांव और बिजली की पर्याप्त व्यवस्था चौबीसों घंटे चालू रहनी चाहिए। उन्होंने आढ़तियों से भी अपील की कि वे प्रशासन का सहयोग करें ताकि सीजन के दौरान सुचारू रूप से खरीद प्रक्रिया को पूरा किया जा सके। मंत्री के इस औचक दौरे के बाद से स्थानीय प्रशासनिक अमले और खरीद एजेंसियों में हड़कंप का माहौल देखा गया।