हरियाणा CET के लिए पहले एजेंसी का नाम तय होगा:बाद में डेट होगी फाइनल; CM ने दिए निर्देश, NTA सहित 3 नाम पर सुझाव
हरियाणा सरकार की ग्रुप सी और डी पदों की भर्तियों के लिए जरूरी कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) कराने के लिए अभी तक न तारीख तय हुई है और न ही सीईटी का आयोजन कराने वाली एजेंसी का नाम तय हुआ है।
हरियाणा सरकार की ग्रुप सी और डी पदों की भर्तियों के लिए जरूरी कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) कराने के लिए अभी तक न तारीख तय हुई है और न ही सीईटी का आयोजन कराने वाली एजेंसी का नाम तय हुआ है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक भी इस कारण ज्यादा लंबी नहीं चल पाई, क्योंकि किस एजेंसी से सीईटी कराया जाना है या कराए जाने की संभावना है, उस पर होम वर्क नहीं हो रखा था।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मीटिंग में अधिकारियों से कहा कि सीईटी जल्द होना चाहिए। लाखों युवा सीईटी का इंतजार कर रहे हैं, मगर हरियाणा सरकार और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग अभी तक सीईटी कराने का फैसला नहीं कर पाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पहले भी एक मीटिंग कर चुके हैं। CM ने एनटीए सहित 3 एजेंसियों के नाम सुझाए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सामने बताया गया कि पहले सीईटी का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने किया था। अब पेपर लीक होने के बाद एनटीए, इस प्रकार की परीक्षाएं कराने में आनाकानी कर रहा है। तब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने कहा कि पहले एनटीए से पूछा जाए कि क्या वे सीईटी करा सकता है? इसके लिए हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड से भी पता लगाया जाए।
एचएसएससी खुद सीईटी करा सकता है या नहीं, इस पर भी मंथन कर लिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले तय हो जाए कि कौन सी एजेंसी टेस्ट कराएगी, उसके बाद फिर मीटिंग कर लेंगे। एचएसएससी परीक्षा केंद्रों की फीडबैक ले चुका है मीटिंग में एचएसएससी के पूर्व चेयरमैन और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के ओएसडी भारत भूषण भारती ने बैठक में अपने कार्यकाल के समय कराई गई परीक्षाओं का फीडबैक दिया। उन्होंने बताया कि तीन-चार दिनों में इस तरह की परीक्षाएं आयोजित की गई थी। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने पिछले महीने फील्ड में जाकर परीक्षा केंद्रों की फीडबैक ले ली है। संबंधित जिला उपायुक्त परीक्षा केंद्रों की सूचना तैयार कर रहे हैं। ये बन रही हैं संभावनाएं अब प्रदेश सरकार या एचएसएससी की तरफ से पत्राचार का एनटीए से पूछा जाएगा।
शिक्षा बोर्ड से भी पूछा जाएगा। अगर एनटीए ने परीक्षा लेने से मना कर दिया तो संभावना एचएसएससी की है। जब पुलिस भर्ती के लिए परीक्षा एचएसएससी करता रहा है तो अब सीईटी का आयोजन क्यों नहीं करवा सकता। जैसे भी प्रदेश सरकार का पूरा सहयोग एचएसएससी को रहता है। ग्रुप-सी के बचे ग्रुपों के लिए एचएसएससी ये कर चुका दावा दरअसल, एचएसएससी की तरफ से ग्रुप सी के बकाया पदों पर भर्ती नहीं करने, हाईकोर्ट के 31 मई 2024 के फैसले को पूरी तरह लागू न करने पर हाईकोर्ट में आयोग के अध्यक्ष हिम्मत सिंह के खिलाफ अवमानना याचिका दायर हुई थी। इस याचिका में चल रही सुनवाई के दौरान आयोग की ओर से जवाब दाखिल किया जा चुका है, जिसमें यह दावा किया गया है कि 4 हफ्तों में ग्रुप सी के बचे हुए 5 ग्रुपों के पदों को भरने के लिए भर्ती निकालेगा। आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने हाईकोर्ट में यह जवाब दाखिल किया है। जिसे रिकॉर्ड पर ले लिया गया है।




