रोहतक बॉडी बिल्डर रोहित हत्याकांड, DGP से मिला प्रतिनिधिमंडल:फरार आरोपियों को पीओ घोषित कर संपत्ति कुर्क करने की मांग, एक हफ्ते का दिया अल्टीमेटम

रोहतक जिले के गांव हमायुंपुर निवासी बॉडी बिल्डर रोहित धनखड़ हत्या केस को भिवानी से रोहतक ट्रांसफर करने और फरार आरोपियों को पीओ घोषित कर संपत्ति कुर्क करने की मांग को लेकर सर्वखाप पंचायत प्रतिनिधिमंडल और परिवार के लोग DGP ओपी सिंह से मिले। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए।

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रोहतक बॉडी बिल्डर रोहित हत्याकांड, DGP से मिला प्रतिनिधिमंडल:फरार आरोपियों को पीओ घोषित कर संपत्ति कुर्क करने की मांग, एक हफ्ते का दिया अल्टीमेटम

रोहतक जिले के गांव हमायुंपुर निवासी बॉडी बिल्डर रोहित धनखड़ हत्या केस को भिवानी से रोहतक ट्रांसफर करने और फरार आरोपियों को पीओ घोषित कर संपत्ति कुर्क करने की मांग को लेकर सर्वखाप पंचायत प्रतिनिधिमंडल और परिवार के लोग DGP ओपी सिंह से मिले। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। साथ ही एक हफ्ते का अल्टीमेटम दिया। डीजीपी ने आश्वासन दिया कि आरोपियों को पीओ घोषित किया जाएगा।

बॉडी बिल्डर रोहित धनखड़ अपने दोस्त गांव बौंदकला निवासी जतिन के साथ 28 नवंबर को उसकी बहन की ननद की शादी में शगुन डालने भिवानी गया था। शादी समारोह के दौरान तिगड़ाना से बारात आई, जिसमें कुछ युवकों के साथ कहासुनी हुई और बाद में उन्हीं युवकों ने रास्ता रोककर रोहित के साथ मारपीट करते हुए अधमरा कर दिया। रोहित ने इलाज के दौरान पीजीआई में दम तोड़ दिया। 5 आरोपी पकड़े, अन्य की नहीं हो रही गिरफ्तारी रोहित धनखड़ के चाचा सतीश ने बताया कि भिवानी पुलिस ने अब तक मात्र 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपी अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।

पुलिस ने अब तक आरोपियों को पीओ घोषित नहीं किया और न ही उनकी संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई शुरू की गई। भिवानी पुलिस की जांच से नहीं संतुष्ट सतीश धनखड़ ने बताया कि वे भिवानी पुलिस द्वारा की जा रही जांच से संतुष्ट नहीं हैं और उनका विश्वास है कि इस मामले में स्थानीय प्रभाव, राजनीतिक दबाव या सामाजिक संरक्षण के कारण जांच धीमी और कमजोर की जा रही है। इसी कारण उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच भिवानी से हटाकर रोहतक जिले की CIA या STF जैसी विशेष टीम को सौंपी जाए, ताकि जांच निष्पक्ष, स्वतंत्र और प्रभावी हो सके।

सीएम से आश्वासन मिलने के बाद भी नहीं हो रही कार्रवाई सतीश धनखड़ ने बताया कि सर्वखाप पंचायत का प्रतिनिधिमंडल सीएम नायब सैनी से 22 दिसंबर को मिला था और सीएम ने आश्वासन दिया था कि इस मामले की जांच भिवानी से हटाकर रोहतक ट्रांसफर की जाएगी। किंतु उस आश्वासन के बावजूद अब तक जांच ट्रांसफर के संबंध में कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे परिवार और समाज में निराशा बनी हुई है।

प्रशासन को दिया एक हफ्ते का समय सतीश धनखड़ ने बताया कि प्रशासन अब इस मामले को पूरी गंभीरता से लेगा और शीघ्र ठोस परिणाम सामने आएंगे। प्रशासन को एक हफ्ते का समय दिया है, जिसमें शेष 18–20 सभी आरोपियों के नाम सार्वजनिक किए जाएं, आरोपियों को PO घोषित किया जाए तथा उनकी चल-अचल संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई प्रारंभ की जाए। यदि इस हफ्ते के भीतर इन मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तो वे प्रदेश स्तरीय सर्वखाप पंचायत बुलाकर आगे की रणनीति तय करने को बाध्य होंगे। जिसमें बड़े स्तर के निर्णय लिए जा सकते हैं।

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