रेवाड़ी का नरेंद्र अंटार्कटिका की चोटी को फतह करने पहुंचा:यहां का तापमान माइनस 60°C, 6 दिनों में की थी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई

रेवाड़ी के कोसली कस्बे के नेहरुगढ़ गांव के पर्वतारोही नरेंद्र सिंह यादव अपने सेवन समिट प्रोजेक्ट के आखिरी अभियान को पूरा अंटार्कटिका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी विन्सन मैसिफ बेस कैंप पहुंच गए है। ये अंटार्कटिका महाद्वीप की सबसे ऊंची (4892 मीटर) चोटी है विन्सन मैसिफ अंटार्कटिका में एक बड़ा पर्वत श्रृंखला है, जो 21 किमी (13 मील) लंबा और 13 किमी (8 मील) चौड़ा है और एल्सवर्थ पर्वत की सेंटिनल रेंज में स्थित है। यह अंटार्कटिका प्रायद्वीप के आधार के पास रोने आइस शेल्फ को देखता है। यह पर्वत श्रृंखला दक्षिणी ध्रुव से लगभग 1,200 किलोमीटर (750 मील) की दूरी पर स्थित है। इस अभियान में नरेंद्र भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे । इस अभियान को स्पार्क मिंडा ने स्पॉन्सर किया है। विन्सन को जमा देने वाला पर्वत भी कहा जाता है, क्योंकि यहां का तापमान हर शून्य से लगभग 50-60 डिग्री कम रहता है। यह पर्वत तकनीकी तौर पर बहुत ही दुर्गम है। सात महाद्वीपों को फतेह करने का सपना सेना के जवान कृष्णचंद के बेटे नरेंद्र का सपना सभी 7 महाद्वीपों को फतह कर विश्व रिकॉर्ड बनाने का है। नरेंद्र 6 महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर फतह कर कई विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। उन्होंने 2012 में बेसिक्स ऑफ माउंटेनियरिंग, 2013 में एडवांस, 2015 में एमओआई (मेथड्स ऑफ इंस्ट्रक्शन) और 2022 में सर्च एंड रेस्क्यू समेत सभी प्रमुख पर्वतारोहण की पढ़ाई पूरी की है। नरेंद्र ने 2016 और 2022 में 6 दिनों में माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की। उन्होंने माउंट किलिमंजारो को चार बार, माउंट एल्ब्रस को दो बार और माउंट कोसियसको सहित ऑस्ट्रेलिया की दस सबसे ऊंची चोटियों को तीन बार फतह किया है। इसके अलावा, उन्होंने दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी एकांकागुआ और उत्तरी अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी डेनाली पर भी फतह की है। नरेंद्र की पर्वतारोहण यात्रा 12 साल की आयु में उनके स्कूल के दिनों में शुरू हुई, जब उन्होंने जम्मू और कश्मीर की पहाड़ियों पर चढ़ना शुरू किया। उन्होंने 2008 में नियमित रूप से पर्वतारोहण की प्रैक्टिस शुरू की।

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रेवाड़ी का नरेंद्र अंटार्कटिका की चोटी को फतह करने पहुंचा:यहां का तापमान माइनस 60°C, 6 दिनों में की थी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई

रेवाड़ी के कोसली कस्बे के नेहरुगढ़ गांव के पर्वतारोही नरेंद्र सिंह यादव अपने सेवन समिट प्रोजेक्ट के आखिरी अभियान को पूरा अंटार्कटिका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी विन्सन मैसिफ बेस कैंप पहुंच गए है। ये अंटार्कटिका महाद्वीप की सबसे ऊंची (4892 मीटर) चोटी है विन्सन मैसिफ अंटार्कटिका में एक बड़ा पर्वत श्रृंखला है, जो 21 किमी (13 मील) लंबा और 13 किमी (8 मील) चौड़ा है और एल्सवर्थ पर्वत की सेंटिनल रेंज में स्थित है।

यह अंटार्कटिका प्रायद्वीप के आधार के पास रोने आइस शेल्फ को देखता है। यह पर्वत श्रृंखला दक्षिणी ध्रुव से लगभग 1,200 किलोमीटर (750 मील) की दूरी पर स्थित है। इस अभियान में नरेंद्र भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे । इस अभियान को स्पार्क मिंडा ने स्पॉन्सर किया है। विन्सन को जमा देने वाला पर्वत भी कहा जाता है, क्योंकि यहां का तापमान हर शून्य से लगभग 50-60 डिग्री कम रहता है। यह पर्वत तकनीकी तौर पर बहुत ही दुर्गम है।

सात महाद्वीपों को फतेह करने का सपना सेना के जवान कृष्णचंद के बेटे नरेंद्र का सपना सभी 7 महाद्वीपों को फतह कर विश्व रिकॉर्ड बनाने का है। नरेंद्र 6 महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर फतह कर कई विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। उन्होंने 2012 में बेसिक्स ऑफ माउंटेनियरिंग, 2013 में एडवांस, 2015 में एमओआई (मेथड्स ऑफ इंस्ट्रक्शन) और 2022 में सर्च एंड रेस्क्यू समेत सभी प्रमुख पर्वतारोहण की पढ़ाई पूरी की है।

नरेंद्र ने 2016 और 2022 में 6 दिनों में माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की। उन्होंने माउंट किलिमंजारो को चार बार, माउंट एल्ब्रस को दो बार और माउंट कोसियसको सहित ऑस्ट्रेलिया की दस सबसे ऊंची चोटियों को तीन बार फतह किया है। इसके अलावा, उन्होंने दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी एकांकागुआ और उत्तरी अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी डेनाली पर भी फतह की है। नरेंद्र की पर्वतारोहण यात्रा 12 साल की आयु में उनके स्कूल के दिनों में शुरू हुई, जब उन्होंने जम्मू और कश्मीर की पहाड़ियों पर चढ़ना शुरू किया। उन्होंने 2008 में नियमित रूप से पर्वतारोहण की प्रैक्टिस शुरू की।

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