HSSC चेयरमैन बोले- जल्द खुलेगा करेक्शन पोर्टल:रिजल्ट में नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूला लागू होगा; फॉर्मूले से क्या असर, सवाल-जवाब में जानिए

हरियाणा में ग्रुप-C के पदों को भरने के लिए हुए कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) के बाद अब हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (HSSC) जल्द करेक्शन पोर्टल खोलने जा रहा है। आयोग के चेयरमैन डॉ. हिम्मत सिंह ने शुक्रवार को X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने अभ्यर्थियों को अपने सभी जरूरी डॉक्यूमेंट और

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HSSC चेयरमैन बोले- जल्द खुलेगा करेक्शन पोर्टल:रिजल्ट में नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूला लागू होगा; फॉर्मूले से क्या असर, सवाल-जवाब में जानिए

हरियाणा में ग्रुप-C के पदों को भरने के लिए हुए कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) के बाद अब हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (HSSC) जल्द करेक्शन पोर्टल खोलने जा रहा है। आयोग के चेयरमैन डॉ. हिम्मत सिंह ने शुक्रवार को X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने अभ्यर्थियों को अपने सभी जरूरी डॉक्यूमेंट और सर्टिफिकेट पहले से तैयार रखने की सलाह दी, ताकि पोर्टल खुलते ही उन्हें अपलोड कर परिणाम जारी करने की प्रक्रिया में देरी न हो। इससे पहले आयोग चेयरमैन ने बताया कि इस बार परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूला लागू होगा। इससे चारों शिफ्टों में हुए पेपर की कठिनाई के आधार पर अंक बराबर किए जाएंगे। चेयरमैन ने इस प्रक्रिया पर अभ्यर्थियों से कानूनी रूप से मान्य सुझाव भी मांगे हैं। साथ ही भरोसा दिलाया है कि नॉर्मलाइजेशन के बाद किसी को शिकायत का मौका नहीं मिलेगा।

बता दें कि राज्य में 26 और 27 जुलाई को चार शिफ्टों में हुई CET परीक्षा में 13 लाख से ज्यादा युवाओं ने हिस्सा लिया था। एग्जाम खत्म होने के दो दिन बाद आंसर-की जारी की गई थी। तब चेयरमैन ने कहा था कि एक महीने के भीतर रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा। अब युवा करेक्शन पोर्टल खुलने और रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। हिम्मत सिंह ने दो पोस्टों में क्या लिखा... चेयरमैन बोले- कोर्ट केस के नाम पर वसूली से बचें चेयरमैन हिम्मत सिंह ने X पर यह भी लिखा कि अभ्यर्थियों से मिली सूचना में कई बार यह देखा गया है कि कुछ लोग (जो कि खुद वकील नहीं होते) कोर्ट केस के नाम पर अभ्यर्थियों को बहका कर पैसे वसूलते हैं। इसका परिणाम यह रहता है कि वह केस बिना किसी आधार या तथ्य के ही फाइल कर दिया जाता, जिससे आपको कोई फायदा नहीं होता है और आपके पैसे डूब जाते हैं। दूसरा पैसे मिल जाने के बाद कोर्ट में केस ही नहीं करते और पैसे लेकर भाग जाते हैं। वे लोग केस करने के लिए आपसे 500-600 रुपए मांगते हैं।

पैसे कम होने की वजह से आप उन्हें पैसे भी दे देते हैं, लेकिन आप लोगों की संख्या इतनी अधिक होती कि उनके पास लाखों की रकम इकठ्टा हो जाती है। इसलिए अभ्यर्थी ऐसे किसी के बहकावे में न आएं, कोई भी निर्णय सोच समझकर लें, ताकि आप सभी का नुकसान न हो। अब नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूले से जुड़े 6 जरूरी सवाल-जवाब जानिए... 1. सवाल: क्या होता है नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूला? जवाब: नॉर्मलाइजेशन एक ऐसा फॉर्मूला है, जिसका यूज विभिन्न शिफ्टों में होने वाले एग्जाम में किया जाता है। इस फॉर्मूले को एग्जाम के अंकों को समान स्तर पर लाने के लिए यूज किया जाता है। इससे एजेंसी यह सुनिश्चित करती है कि सभी छात्रों को समान अवसर मिले, भले ही उनकी परीक्षा का स्तर अलग हो। 2. सवाल: क्यों लागू किया जाता है ये फॉर्मूला? जवाब: नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूले की जरूरत तब पड़ती है, जब कोई एग्जाम एक से ज्यादा शिफ्ट्स में आयोजित किया जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि हर शिफ्ट का पेपर अलग हो सकता है, जिससे कुछ छात्रों को आसान और कुछ छात्रों को कठिन पेपर मिल सकता है। नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूला, इन अंतरों को दूर करने में मदद करता है और सभी छात्रों को समान स्तर पर आंकने में मदद करता है। 3. सवाल: कैसे तय होता है कि पेपर कठिन आया? जवाब: नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूले में पेपर की कठिनता तय करने के लिए कुछ विधियां प्रयोग की जाती हैं। इनमें से एक विधि में, परीक्षा के अलग-अलग शिफ्ट या दिनों के पेपरों के कठिनाई स्तर की तुलना करके देखा जाता है कि कौन सा पेपर अधिक कठिन था।

दूसरा तरीका यह है कि परीक्षा के अंकों का वितरण देखा जाता है। यदि एक शिफ्ट में अंकों का वितरण कम है, तो यह माना जाता है कि वह शिफ्ट अधिक कठिन थी। 4. सवाल: क्या नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूले से नंबर कम हो सकते हैं? जवाब: नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूला किसी छात्र के स्कोर और रैंकिंग को काफी हद तक प्रभावित कर सकता है। अपने अलग-अलग सत्रों में उम्मीदवारों की ओवरऑल परफॉर्मेंस के आधार पर किसी छात्र का रॉ स्कोर हाई या लो नॉर्मलाइजेशन स्कोर में बदल सकता है। 5. सवाल: क्या हरियाणा में पहले भी नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूला यूज हुआ? जवाब: हां, हरियाणा में पहले भी CET एग्जाम में नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूले का इस्तेमाल किया गया है। 2022 में कमीशन ने भर्ती परिणाम जारी करते समय इसे अपनाया था। कमीशन ने उस समय तर्क दिया था कि कैंडिडेट्स की संख्या लाखों में होने के कारण ऐसा किया जा रहा है। साथ ही अलग-अलग शिफ्ट और अलग-अलग पेपर होने के चलते सभी को समान करने के लिए इसे अपनाया जा रहा है।

6. सवाल: हरियाणा में क्या नॉर्मलाइजेशन का हो चुका विरोध? जवाब: हां, हरियाणा में 2022 में हुए CET एग्जाम के दौरान विरोध हुआ था। इसके विरोध में युवाओं ने पंचकूला में हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन के बाहर धरना तक दिया था। युवाओं की मांग थी कि एक पद के लिए एक ही पेपर हो और पहले की तरह अंकों के आधार पर ही चयन हो। इस बार भी युवा एग्जाम में नॉर्मलाइजेशन को लेकर विरोध कर रहे हैं। यही वजह है कि आयोग की ओर से इससे संबंधित और भी कानूनी सुझाव मांगे गए हैं। अब ग्रुप-D के लिए CET कराए HSSC अब हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन ग्रुप-D की पोस्टों की भर्ती के लिए CET कराएगा। चेयरमैन हिम्मत सिंह कह चुके हैं कि इसके लिए प्रोसेस शुरू कर दिया गया है। कैंडिडेट्स से अनुरोध है कि सभी अपने जरूरी डॉक्यूमेंट और सर्टिफिकेट तैयार रखें, ताकि रजिस्ट्रेशन के दौरान किसी भी तरह की परेशानी न हो। सभी उम्मीदवार यह भी ध्यान दें कि आप अपना रजिस्ट्रेशन फॉर्म खुद भरें, ताकि गलती होने की कोई संभावना न हो। किसी अन्य से फॉर्म न भरवाएं। हाल ही में हुए ग्रुप C के CET रजिस्ट्रेशन में कमीशन ने अनुभव किया है कि किसी और से भरवाए गए फॉर्म में गलती होने की वजह से उन्हें परीक्षा से वंचित रहना पड़ा। इसलिए आप सभी ऐसी गलती करने से बचें और अपना फॉर्म खुद भरें।

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