हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष बोले- ₹50 करोड़ रिश्वत वाला VIDEO फर्जी:इनेलो नेता 9 साल कोर्ट में पेश नहीं हुए; माजरा ने CD जारी की थी
हरियाणा कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने इनेलो के चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) में रिश्वत लेने को लेकर लगाए गए आरोपों का जवाब दिया है। राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि इनेलो भाजपा के हाथ में खेल रही है। इनके द्वारा जारी किया गया वीडियो फर्जी है। 2016 में हमने कोर्ट में इनेलो नेताओं को पार्टी बनाया था।
हरियाणा कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने इनेलो के चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) में रिश्वत लेने को लेकर लगाए गए आरोपों का जवाब दिया है। राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि इनेलो भाजपा के हाथ में खेल रही है। इनके द्वारा जारी किया गया वीडियो फर्जी है। 2016 में हमने कोर्ट में इनेलो नेताओं को पार्टी बनाया था। 9 साल में कोई भी इनेलो नेता कोर्ट में पेश नहीं हुआ। राव ने आगे कहा कि फोरेंसिक रिपोर्ट में यह साबित हो चुका है कि वीडियो एडिटेड है। इन्होंने कोई सबूत नहीं दिया। लोकायुक्त ने भी इसकी जांच की थी। इनेलो नेताओं से जब मूल वीडियो मांगा गया, तो उन्होंने जानबूझकर ब्लैंक पेन ड्राइव लोकायुक्त को सौंप दी और मूल वीडियो को छिपा लिया, क्योंकि मूल वीडियो सामने आने पर इनेलो पूरी तरह बेनकाब हो जाती।
दरअसल, मंगलवार को चंडीगढ़ में इनेलो प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने CLU कांड को लेकर फिर CD जारी की थी। जिसमें दावा किया था कि 2013 में मंत्री रहते हुए राव नरेंद्र सिंह 30 से 50 करोड़ की रिश्वत मांग रहे थे। इनेलो ने एक बातचीत का ब्योरा भी जारी किया। रामपाल माजरा ने कहा कि पूर्व की हुड्डा सरकार में CLU एक उद्योग था। प्रेस कॉन्फ्रेंस में रामपाल माजरा की अहम बातें... इनेलो की तरफ से जारी बातचीत में क्या, जानिए.... रिपोर्टर: CLU है जी। 30 एकड़ है जी, कॉलोनी के लिए। ये तो इसकी छोटी कॉपी है, ओरिजिनल फाइल वहीं पड़ी है। अगर हो सके तो...मतलब। मंत्री जी: ऐसा है मिनिस्ट्री मेरे पास नहीं है। पता है ना आपको सिस्टम वो देखते हैं, सारा मैटर ऊपर जाता है किसी से पूछ के बताता हूं। रिपोर्टर: एक चीज क्लियर कर लूं जी कि ये हमारा खुद का नहीं है।
हम तो चार आने के चक्कर में लेके आए हैं। अगर हो सके तो हमारा भी कुछ बन जाए। मंत्री जी: ठीक है, इसमें क्या ऑफर है सामने वाले का मुझे पता नहीं इसके बारे में। रिपोर्टर: अभी तो एक करोड़ प्रति एकड़ बोल रहा है जी, 30 एकड़ का है। बढ़ा भी देगा, फंसा हुआ है काफी टाइम से, इसका हो नहीं रहा है। रिपोर्टर: ऑबजेक्शन क्लियर कराना उसकी जिम्मेवारी में है जी। वो कह रहा है कि अगर ऑब्जेक्शन है तो आप मेरे को बता देना। वो मैं अपने-आप क्लियर करवाऊंगा उसके बाद आप मैं.. डायरेक्टर। मंत्री जी: फिर मैं आगे किसी की ड्यूटी लगा दूंगा, फिर भी क्या ऑफर है, कितनी क्या हो सकती है? रिपोर्टर: वो 30 से 50 के बीच में कहीं भी सैट हो सकता है जी।
50 तक पहुंचने वाला बंदा है जी। मंत्री जी: 30-50 करोड़। चलो उनसे थोड़ा सा बात करके बताऊंगा, पीछे बात लेट हो गई, नहीं तो मैं तुम्हें चंडीगढ़ बुला लेता। एजेंट: ठीक है जी चंड़ीगढ़ मंडे, ट्यूजडे जब भी हो। मंत्री जी: ठीक है जी। मैं आपका जो है, उसमें किसी से पूछ के बताता हूं, क्योंकि ये काम किसी अनाड़ी आदमी से नहीं होगा। मंत्री जी: जो डील करता है उसी से होगा, इसलिए मैं सही ढंग से होने वाली चीज क्या है क्या नहीं का पता करते बता पाऊंगा। और हां या न बता पाऊंगा। इससे ज्यादा नहीं बता पाऊंगा। बस इतना ही कहूंगा आज तो। अगर मेरी चीज होती तो अभी कह दूंगा (एजेंट की ओर इशारा करते हुए) ये मेरा बड़ा भाई है।
ये मामला दूसरा है समझ गए। रिपोर्टर: समझ रहे हैं जी हमें भी बड़ी मुश्किल से मिला है। मंत्री जी: अच्छा दूसरा ये बताओ, मोड ऑफ पेमेंट कैसे होगा? जिससे हम बात करेंगे। कई बार ऐसा होता है कि काम तो हो लिया अब पैसे क्यों देने, इससे दिक्कत इसको (एजेंट) होगी। रिपोर्टर: पेमेंट का मैं बता देता हूं सर उन्होंने हमें यह कहा है कि जिस दिन हम इसे हां बोलेंगे, उसके बाद वो हमसे 10 दिन का टाइम लेगा। उसके बाद पेमेंट हमारे पास पहुंच जाएगी, दस दिन तक काम आगे नहीं बढ़ाना उसकी 50 प्रतिशत पेमेंट आने के बाद काम आगे बढ़ाना है।
50 प्रतिशत जब काम हो जाए उससे 15 दिन पहले हम बता देंगे कि 15 दिन में आपका काम हो जाएगा। इस टाइम पेमेंट आ जाएगी। वो फाइनल होने से पहले हमारे हाथ में पेमेंट आ जाएगी। उसके बाद काम हो जाएगा। मंत्री जी: ठीक है। चल मैं बताता हूं, क्योंकि ये मामला ऐसा है कि बड़ी दिक्कत है। अगर ना कर दी दिक्कत हो जाएगी वर्ना तुम मर जाओगे। इसलिए बहुत जिम्मेदार आदमी से काम करवाना पड़ेगा। एजेंट: ऐसा नहीं है सर, इन्होंने पहले भी काम करवाए हैं। अब इनका जो चैनल था वो डिस्कनेक्ट हो गया किसी वजह से। मंत्री जी: कोई बात नहीं चल मैं बताता हूं। (इनेलो का दावा है कि इसमें जो मंत्री जी हैं, वह तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री राव नरेंद्र हैं।) क्या है CLU कांड, जिसमें राव नरेंद्र सिंह का नाम आया.




