रोहतक में HSVP ने तोड़ा गोशाला का बाड़ा:समिति बोली- बिना नोटिस कार्रवाई की, 5 लाख से अधिक का हुआ नुकसान

रोहतक में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) की तरफ से राजीव गांधी खेल स्टेडियम के पास पुल के नीचे स्थापित गोशाला के बाड़े को शुक्रवार बिना नोटिस के तोड़ दिया। HSVP की कार्रवाई का बेसहारा गोवंश सेवा समिति ने विरोध किया और सीएम से इस मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई।

 54.2k
रोहतक में HSVP ने तोड़ा गोशाला का बाड़ा:समिति बोली- बिना नोटिस कार्रवाई की, 5 लाख से अधिक का हुआ नुकसान

रोहतक में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) की तरफ से राजीव गांधी खेल स्टेडियम के पास पुल के नीचे स्थापित गोशाला के बाड़े को शुक्रवार बिना नोटिस के तोड़ दिया। HSVP की कार्रवाई का बेसहारा गोवंश सेवा समिति ने विरोध किया और सीएम से इस मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई। गोवंश सेवा समिति की महासचिव पुष्पा राणा ने बताया कि दोपहर के समय प्रशासनिक अमला कार्रवाई करने के लिए पहुंचा।

उस समय गोशाला के बाड़े में गोवंश मौजूद थे। कार्रवाई करने से पहले किसी भी प्रकार का नोटिस समिति को नहीं दिया गया। यह बाड़ा अस्थाई तौर पर स्थापित किया गया था और गोशाला में करीब 750 गाय हैं, जिनके लिए यह बाड़ा बनाया गया था। पुष्पा राणा ने बताया कि प्रशासन की इस कार्रवाई की वजह से करीब साढे 5 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। यह गोशाला किसी भी प्रकार के व्यापारिक फायदे के लिए नहीं चलाई जा रही।

यहां पर गायों की देखरेख की जाती है। इस मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को हस्तक्षेप करना चाहिए। 10 वर्ष से अधिक समय से चल रही गोशाला पुष्पा राणा ने बताया कि एक ओर प्रदेश सरकार गायों की रक्षा पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर अधिकारी इस प्रकार की कार्रवाई करके क्या संदेश देना चाहते हैं। गोशाला पिछले 10 वर्ष से भी ज्यादा समय से चलाई जा रही है। प्रशासनिक अमला के साथ भारी संख्या में पुलिस बल था। यह कार्रवाई इस प्रकार की गई जैसे गोशाला में कोई आपराधिक गतिविधि चल रही हो। उन्होंने दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की।

आईजी ने शुरू की थी गोशाला पुष्पा राणा ने बताया कि श्रीकांत जाधव जब रोहतक रेंज के आईजी थे, तब उन्होंने सड़कों पर घूम रही बेसहारा गायों को गोशाला भेजने के लिए अभियान चलाया था। मिशन स्ट्रे कैटल के तहत इन गायों को पुलिस की ओर से गौशालाओं में भेजा गया था। यह गोशाला भी उसी दौरान स्थापित की गई थी। इस मामले में सरकार को संज्ञान लेना चाहिए।

Latest News Latest Media Community