रोहतक में 106 डिग्री बुखार से 1.5 साल की मासूम आस्था की मौत, माता-पिता ने नेत्रदान कर दूसरों की जिंदगी की रोशन

हरियाणा के रोहतक (महम) में 106 डिग्री बुखार के कारण डेढ़ साल की बच्ची आस्था की मौत हो गई। इस गहरे दुख के बीच भी परिवार ने अपने पुराने संकल्प को निभाते हुए बच्ची की आंखें दान कर दीं।

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रोहतक में 106 डिग्री बुखार से 1.5 साल की मासूम आस्था की मौत, माता-पिता ने नेत्रदान कर दूसरों की जिंदगी की रोशन
हरियाणा के रोहतक जिले से एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक खबर सामने आई है। यहाँ महम के रहने वाले एक परिवार की डेढ़ साल की मासूम बच्ची 'आस्था' की अचानक तबीयत बिगड़ने और तेज बुखार के कारण मौत हो गई। इस असहनीय दुख की घड़ी में भी टूट चुके माता-पिता ने हौसला नहीं खोया और अपनी लाडली की आंखें दान करने का फैसला किया। भिवानी से आई डॉक्टरों की विशेष टीम ने बच्ची के कॉर्निया को सुरक्षित लिया और उसे रोहतक पीजीआई (PGI) के आई बैंक में भेज दिया है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, रोहतक जिले में इतनी छोटी बच्ची के नेत्रदान का यह पहला मामला है।
पिता बनाना चाहते थे डॉक्टर, मां का था सिविल सर्विस का सपना
महम निवासी दीपक परुथी और उनके भाई सोनू थोक व्यापार (होलसेल) का काम करते हैं। दीपक ने रुंधे गले से बताया कि आस्था का जन्म 18 फरवरी 2025 को हुआ था। घर में उसका एक 3 साल का 
बड़ा भाई भी है। बेटी के जन्म से पूरे घर में खुशियां छा गई थीं। वह अभी धीरे-धीरे बोलना और चलना सीख ही रही थी। पिता उसे बड़ी होकर डॉक्टर बनाना चाहते थे, जबकि मां का सपना उसे सिविल सर्विसेज में भेजने का था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
आंगन में खेलते-खेलते अचानक चढ़ा 106 डिग्री बुखार
पारिवारिक सदस्यों के अनुसार, बुधवार (14 अक्टूबर) की शाम को आस्था घर के आंगन में खेल रही थी। अचानक उसकी तबीयत खराब होने लगी। परिवार ने तुरंत उसे स्थानीय स्तर पर दवाई दी, लेकिन उसका शरीर आग की तरह तपने लगा। उसे करीब 106 डिग्री का बेहद तेज बुखार था। हालत बिगड़ती देख परिजन 15 अक्टूबर की सुबह करीब साढ़े चार बजे उसे नजदीकी अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत रोहतक पीजीआई (PGI) रेफर कर दिया।
पिता की गोद में ही थम गईं सांसें
रेफर किए जाने के बाद परिजन एम्बुलेंस से बच्ची को लेकर रोहतक पीजीआई के लिए रवाना हुए। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में पिता की गोद में मासूम आस्था ने दम तोड़ दिया। इस घटना से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।