रोहतक नगर निगम हाउस मीटिंग में हंगामा: कमिश्नर पर बदसलूकी का आरोप, पार्षदों के बीच तीखी झड़प
रोहतक नगर निगम की हाउस मीटिंग शुरू होने से पहले वार्ड-8 की पार्षद अंजू सैनी ने कमिश्नर सत्येंद्र दूहन पर जनता के कार्यों को नजरअंदाज करने और असंतोषजनक जवाब देने का आरोप लगाया।
रोहतक: नगर निगम हाउस की मीटिंग शुरू होने से पहले ही वार्ड-8 से पार्षद अंजू सैनी ने कमिश्नर सत्येंद्र दूहन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कड़ा विरोध जताया। अंजू सैनी के समर्थन में अन्य पार्षद भी खड़े हो गए और निगम कमिश्नर से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग पर अड़ गए। इस बीच मेयर रामअवतार वाल्मीकि ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया।
कमिश्नर पर चंडीगढ़ का ऑफिस और बड़ी एलईडी मिस करने का तंज मीटिंग से पहले पार्षद अंजू सैनी ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि जब भी वे निगम कमिश्नर के पास किसी कार्य के लिए जाती हैं, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि कमिश्नर अपना चंडीगढ़ वाला बड़ा ऑफिस और बड़ी एलईडी मिस कर रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि काम नहीं किया जाता है, तो उसका स्पष्ट कारण (रिजन) देना चाहिए, क्योंकि वे वहां नौकरी मांगने नहीं बल्कि जनता के काम लेकर गई थीं।
महिला पार्षदों के अपमान का मुद्दा वार्ड-17 से पार्षद डिंपल जैन ने कहा कि वे कमिश्नर के पास कोई कमीशन मांगने या अपने बेटे को नौकरी लगवाने नहीं गई थीं, बल्कि आम जनता के काम लेकर गईं थीं। उनकी बात न सुनना सीधा अपमान है और यदि आज वे चुप रहीं, तो आगे भी ऐसा ही रवैया जारी रहेगा। उन्होंने मांग की कि जब तक कमिश्नर माफी नहीं मांगेंगे, मीटिंग शुरू नहीं होने दी जाएगी। वार्ड-5 से पार्षद सुरेश किराड़ ने भी समर्थन देते हुए कहा कि पार्षद अंजू सैनी की बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और अधिकारियों का व्यवहार पार्षदों के प्रति सही होना चाहिए। वहीं वार्ड-14 की पार्षद कंचन खुराना ने भी महिलाओं के सम्मान का मुद्दा उठाया।
पार्षदों के बीच तीखी बहस और 'तू-तड़ाक' बैठक के दौरान उस समय माहौल गर्मा गया जब वार्ड-11 से पार्षद परीक्षित देशवाल ने कहा कि निगम कमिश्नर ने कभी किसी के साथ मिसबिहेव नहीं किया और वे हमेशा हालचाल पूछते हैं। इस पर पार्षद सुरेश किराड़ अपनी सीट से उठे और परीक्षित देशवाल के साथ तीखी बहस करने लगे। दोनों के बीच जमकर तू-तड़ाक और एक-दूसरे पर चिल्लाने की स्थिति बन गई। बीच-बचाव में उतरे वार्ड-20 के पार्षद प्रवीण कौशिक ने भी परीक्षित देशवाल से तीखे शब्दों में कहा कि वे किसी अफसर की दलाली करने नहीं आए हैं, बल्कि जनता के काम करवाने आए हैं। इस पर परीक्षित देशवाल ने पलटवार करते हुए कहा कि तमाशा बना रखा है, यदि किसी के साथ गलत हुआ था तो पहले फोन पर बताना चाहिए था। मेयर और कमिश्नर के समझाने के बाद भी दोनों पक्षों में काफी देर तक बहस जारी रही।
पूर्व सीएम के प्रतिनिधि पर सवाल बैठक के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री एवं गढ़ी सांपला-किलोई हलके के विधायक भूपेंद्र सिंह हुड्डा का प्रतिनिधि आने पर भी पार्षदों ने सवाल उठाए। पार्षद परीक्षित देशवाल ने नेता प्रतिपक्ष के नाते प्रतिनिधि भेजने को नियमसंगत बताया, जिसका भाजपा पार्षदों ने विरोध किया। हालांकि, मेयर ने अनुमति देकर मामले को शांत किया।
कमिश्नर का पक्ष विवाद और आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए नगर निगम कमिश्नर सत्येंद्र दूहन ने स्पष्ट किया कि उन्होंने हमेशा सभी पार्षदों का मान-सम्मान किया है और कभी किसी के साथ कोई अभद्र व्यवहार नहीं किया। उन्होंने कहा कि वे अपने स्टाफ के साथ भी ऐसा माहौल बनाते हैं जिससे कार्य सुचारू रूप से चल सकें।




