हरियाणा की शिक्षा नगरी रोहतक में अवैध और बिना तय मानकों के चल रहे निजी स्कूलों पर प्रशासन का बड़ा डंडा चला है। जिला शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए जिले के 63 प्राइवेट स्कूलों को ब्लैकलिस्ट (Blacklist) घोषित कर दिया है। विभाग ने इन सभी स्कूलों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी दंडात्मक कार्रवाई करते हुए उनका आधिकारिक एमआईएस (MIS) पोर्टल तत्काल प्रभाव से ब्लॉक कर दिया है। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया है।
नए दाखिलों पर लगा पूर्ण प्रतिबंध: शिक्षा विभाग द्वारा एमआईएस पोर्टल ब्लॉक किए जाने के बाद इन 63 स्कूलों पर बहुत बड़ा प्रशासनिक असर पड़ा है। ये स्कूल अब आगामी नए शैक्षणिक सत्र (2026-27) के लिए किसी भी नए छात्र का ऑनलाइन एडमिशन (Admission) नहीं कर सकेंगे। पोर्टल बंद होने के कारण इनका डेटाबेस फ्रीज कर दिया गया है, जिससे नए छात्रों का रजिस्ट्रेशन तकनीकी रूप से पूरी तरह असंभव हो गया है।
आखिर क्यों गिरी इन स्कूलों पर गाज?
जिला शिक्षा विभाग की ओर से की गई विस्तृत जांच में इन स्कूलों की गंभीर लापरवाहियां और खामियां सामने आई थीं:
- बुनियादी ढांचे की भारी कमी: कई स्कूलों के पास छात्रों के बैठने के लिए उचित कमरे, खेल के मैदान और मूलभूत सुविधाओं का अभाव पाया गया।
- सुरक्षा मानकों से खिलवाड़: इन स्कूलों ने न तो अनिवार्य फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट रिन्यू कराए थे और ना ही बाल सुरक्षा से जुड़े नियमों को लागू किया था।
- चेतावनी की अनदेखी: विभाग द्वारा इन स्कूलों को अपनी कमियां सुधारने के लिए कई बार कानूनी नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन बार-बार दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज करने के बाद आखिरकार प्रशासन को यह सख्त कदम उठाना पड़ा।
अभिभावकों के लिए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) की सख्त चेतावनी
इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने आम जनता और अभिभावकों के लिए एक बेहद जरूरी गाइडलाइन व चेतावनी जारी की है। अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अभिभावक अपने बच्चों का किसी भी प्राइवेट स्कूल में दाखिला कराने से पहले स्कूल की सरकारी मान्यता और उसके ट्रैक रिकॉर्ड की अच्छे से जांच कर लें। बिना मान्यता या ब्लैकलिस्टेड स्कूलों में बच्चों को दाखिला दिलाने से उनका पूरा शैक्षणिक साल बर्बाद हो सकता है और उनका भविष्य अधर में लटक सकता है।
विभाग ने साफ कर दिया है कि जब तक ये स्कूल सभी कानूनी मानकों को पूरा नहीं करते और अपने सुरक्षा प्रमाण पत्र जमा नहीं करते, तब तक इनका पोर्टल दोबारा नहीं खोला जाएगा।