ऐतिहासिक वर्ष 2026: कबड्डी चैंपियनशिप और एशियन गेम्स में भारत का वैश्विक दबदबा

अहमदाबाद में पहली बार आयोजित होने जा रही राष्ट्रमंडल कबड्डी चैंपियनशिप 2026 और हाल ही में एशियन गेम्स में भारतीय टीम के 'डबल गोल्ड' मेडल की सफलता ने साल 2026 को कबड्डी जगत के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज कर दिया

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ऐतिहासिक वर्ष 2026: कबड्डी चैंपियनशिप और एशियन गेम्स में भारत का वैश्विक दबदबा
अहमदाबाद, 20 अक्टूबर 2026: कबड्डी जगत के लिए साल 2026 एक ऐतिहासिक साल साबित हो रहा है। भारतीय सरजमीं पर पहली बार आयोजित होने जा रही
राष्ट्रमंडल कबड्डी चैंपियनशिप 2026 ने इस खेल को एक नए वैश्विक मंच पर लाकर खड़ा कर दिया है। 23 से 31 अक्टूबर 2026 तक अहमदाबाद के वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में होने वाले इस महामुंभ के लिए भारतीय एमेच्योर कबड्डी महासंघ (AKFI) ने एक बिल्कुल नए रंग-रूप वाली 14 सदस्यीय पुरुष टीम का ऐलान किया है।
⚡ टीम में बड़ा बदलाव: नवीन और सुरजीत करेंगे अगुवाई
इस ऐतिहासिक घरेलू चैंपियनशिप के लिए चयनकर्ताओं ने बड़ा फैसला लेते हुए पिछले महीने एशियन गेम्स में खेलने वाले सीनियर खिलाड़ियों को आराम दिया है। टीम की कमान स्टार रेडर नवीन कुमार और अनुभवी डिफेंडर सुरजीत सिंह के हाथों में सौंपी गई है।
टीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें 9 खिलाड़ी अपना सीनियर अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने जा रहे हैं, जो भारत की बेंच स्ट्रेंथ की गहराई को दर्शाता है।
टूर्नामेंट का लाइव फॉर्मेट
इस स्टैंडअलोन चैंपियनशिप में राष्ट्रमंडल देशों की टीमें एक-दूसरे से लोहा लेंगी:
  • पुरुष वर्ग (13 टीमें): भारत को ग्रुप-A में इंग्लैंड, मलेशिया, नाइजीरिया, युगांडा, तंजानिया और श्रीलंका के साथ रखा गया है।
  • महिला वर्ग (10 टीमें): भारतीय महिला टीम ग्रुप-A में नाइजीरिया, सिंगापुर, युगांडा और मलेशिया के खिलाफ अभियान की शुरुआत करेगी।
यह टूर्नामेंट इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत 2030 में अहमदाबाद में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों (CWG 2030) में कबड्डी को मुख्य खेल के रूप में शामिल कराने के लिए पुरजोर प्रयास कर रहा है।