रोहतक में दिशा की बैठक में भिड़े महम विधायक बलराम दांगी और मेयर रामअवतार वाल्मीकि, दीपेंद्र हुड्डा ने किया हस्तक्षेप
रोहतक की दिशा बैठक में विधायक बलराम दांगी और मेयर रामअवतार वाल्मीकि के बीच तीखी बहस हुई। कांग्रेस भवन के बाहर भाजपा के प्रदर्शन की अनुमति पर विवाद, दीपेंद्र हुड्डा ने प्रशासन से मांगा जवाब।
रोहतक।हरियाणा के रोहतक में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक के दौरान राजनीतिक माहौल गरमा गया। बैठक में महम से कांग्रेस विधायक बलराम दांगी और भाजपा के मेयर रामअवतार वाल्मीकि के बीच तीखी बहस हो गई। विवाद 10 अक्टूबर को कांग्रेस भवन के बाहर भाजपा द्वारा किए गए प्रदर्शन के लिए टेंट लगाने की अनुमति को लेकर शुरू हुआ। मामले में कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से जवाब मांगा, जिसके बाद बैठक में दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग देखने को मिली। स्थिति को शांत कराने के लिए सांसद दीपेंद्र हुड्डा को हस्तक्षेप करना पड़ा।
कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से मांगा जवाब
बैठक के दौरान कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष बलवान रंगा ने 10 अक्टूबर को कांग्रेस भवन के बाहर भाजपा के प्रदर्शन के लिए टेंट लगाए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने जिला प्रशासन से सवाल किया कि सड़क पर टेंट लगाने की अनुमति किस आधार पर दी गई थी।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी सवाल उठाया कि यदि प्रदर्शन के दौरान किसी प्रकार का उपद्रव या कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा हो जाती, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती। उन्होंने धारा 163 लागू होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों के एकत्रित होने की अनुमति दिए जाने पर भी सवाल उठाए।
मेयर रामअवतार वाल्मीकि ने लगाए आरोप
कांग्रेस नेताओं के सवालों पर भाजपा मेयर रामअवतार वाल्मीकि ने अपनी बात रखते हुए कहा कि वह भाजपा के प्रतिनिधि हैं और सभी को अपनी बात रखने तथा प्रदर्शन करने का अधिकार है।
मेयर ने आरोप लगाया कि 10 अक्टूबर को भाजपा का प्रदर्शन चल रहा था, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उसे खराब करने का प्रयास किया। उनके अनुसार, भाजपा कार्यकर्ता शांतिपूर्वक अपना प्रदर्शन कर रहे थे।
मेयर के इस बयान के बाद बैठक में माहौल और गर्म हो गया।
बलराम दांगी और मेयर के बीच तीखी बहस
मेयर रामअवतार वाल्मीकि के बयान पर महम विधायक बलराम दांगी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। दोनों नेता बैठक में एक-दूसरे के सामने बैठकर अपनी बात रखने लगे और देखते ही देखते बहस तेज हो गई।
बैठक में मौजूद अन्य नेताओं के बीच भी इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा शुरू हो गई। विवाद बढ़ता देख सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने हस्तक्षेप किया और जिला प्रशासन से पूरे मामले पर जवाब मांगा।
दीपेंद्र हुड्डा बोले—भाजपा कार्यालय के बाहर करेंगे प्रदर्शन
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस भी भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन और रैली करेगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी राजनीतिक दलों को अपनी बात रखने और प्रदर्शन करने का अधिकार है।
दीपेंद्र हुड्डा ने चुनौतीपूर्ण अंदाज में कहा कि यदि भाजपा कार्यालय के बाहर कांग्रेस की रैली के लिए अनुमति नहीं मिलती, तो इससे प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठेंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को समान अधिकार मिलने चाहिए।
उनके इस बयान के बाद बैठक में राजनीतिक विवाद और चर्चा का विषय बन गया।
खेलो इंडिया की रिपोर्ट पर भी उठाए सवाल
दिशा बैठक के दौरान सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने खेलो इंडिया से संबंधित एक रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए। उन्होंने रिपोर्ट में विदेशी कोचों की नियुक्ति का उल्लेख होने पर आपत्ति जताई।
दीपेंद्र हुड्डा ने सवाल किया कि रोहतक में विदेशी कोच कहां कार्यरत हैं और क्या रिपोर्ट तैयार करने से पहले वास्तविक स्थिति की जांच की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इंटरनेट से आंकड़े लेकर रिपोर्ट में शामिल कर दिए गए हैं, जबकि जमीनी हकीकत की पुष्टि जरूरी है।
उन्होंने जिला खेल अधिकारी (डीएसओ) की रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट की निष्पक्षता और तथ्यों की जांच की जानी चाहिए।
प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
दिशा बैठक में हुई इस बहस के दौरान प्रदर्शन की अनुमति, कानून-व्यवस्था और सरकारी रिपोर्टों की विश्वसनीयता जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठे। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से जवाब मांगा, जबकि भाजपा मेयर ने प्रदर्शन में बाधा डालने के आरोप लगाए।
बैठक में सांसद दीपेंद्र हुड्डा के हस्तक्षेप के बाद विवाद को शांत कराने का प्रयास किया गया। इस घटनाक्रम ने रोहतक में कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव को एक बार फिर चर्चा में ला दिया।




