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<title>Rohtak Media | A Media News Platform Of Rohtak City | RohtakMedia.com &#45; Author</title>
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<description>Rohtak Media | A Media News Platform Of Rohtak City | RohtakMedia.com &#45; Author</description>
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<dc:rights>Copyright 2025 &#45; Rohtak Media | Developed by: SOFTRND.COM</dc:rights>

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<title>गणेश चतुर्थी, जानें पूजा विधि, महत्व और भगवान गणेश की विस्तृत कथा</title>
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<description><![CDATA[ गणेश चतुर्थी, जानें पूजा विधि, महत्व और भगवान गणेश की विस्तृत कथा ]]></description>
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<pubDate>Mon, 14 Sep 2026 21:59:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>Author</dc:creator>
<media:keywords>गणेश चतुर्थी, पूजा विधि, महत्व</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><span style="text-decoration: underline;"><strong>गणेश चतुर्थी, 14 सितंबर 2026: जानें पूजा विधि, महत्व और भगवान गणेश की विस्तृत कथा</strong></span></p>
<p><strong>*Ganesh Chaturthi 2026</strong>:* भगवान गणेश को प्रथम पूज्य, विघ्नहर्ता और बुद्धि-विवेक के देवता माना जाता है। हर वर्ष भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष *गणेश चतुर्थी 14 सितंबर 2026, सोमवार* को मनाई जाएगी।</p>
<p>इस दिन घरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की जाती है। भक्त भगवान गणेश की पूजा-अर्चना, आरती और व्रत करते हैं तथा उनसे सुख-समृद्धि, बुद्धि और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करते हैं।</p>
<p><strong>## गणेश चतुर्थी 2026 कब है?</strong></p>
<p>इस वर्ष गणेश चतुर्थी *14 सितंबर 2026* को है। पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि 14 सितंबर<strong> </strong>की सुबह शुरू होगी और 15 सितंबर की सुबह समाप्त होगी।</p>
<p>दिल्ली के लिए उपलब्ध पंचांग के अनुसार मध्याह्न गणेश पूजा का समय लगभग *सुबह 10:51 बजे से दोपहर 1:18 बजे* तक बताया गया है। अलग-अलग स्थानों पर सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार कुछ अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग के समय को प्राथमिकता देना उचित है।</p>
<p>गणेश उत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी के अवसर पर गणेश विसर्जन के साथ होता है। 2026 में गणेश विसर्जन *25 सितंबर* को बताया गया है।</p>
<p><strong>## गणेश चतुर्थी का महत्व</strong></p>
<p>भगवान गणेश को हिंदू धर्म में शुभ कार्यों का प्रथम देवता माना जाता है। किसी भी मांगलिक कार्य की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा से करने की परंपरा है।</p>
<p>मान्यता है कि भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन में आने वाले विघ्न दूर होते हैं और व्यक्ति को बुद्धि, विवेक तथा सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। गणेश जी को *विघ्नहर्ता, लंबोदर, गजानन, एकदंत और सिद्धिविनायक* जैसे अनेक नामों से भी जाना जाता है।</p>
<p>---</p>
<p><strong># भगवान गणेश के जन्म की विस्तृत कथा</strong></p>
<p>पौराणिक कथा के अनुसार एक बार माता पार्वती स्नान करने जा रही थीं। उन्होंने अपने शरीर पर लगाए गए उबटन से एक बालक की आकृति बनाई और उसमें प्राण डाल दिए।</p>
<p>माता पार्वती ने उस बालक को अपना पुत्र माना और उसका नाम *गणेश* रखा।</p>
<p>माता पार्वती ने गणेश जी से कहा कि जब तक वह स्नान करके वापस न आएं, तब तक किसी को भी अंदर प्रवेश न करने दिया जाए।</p>
<p>गणेश जी अपनी माता की आज्ञा का पालन करते हुए द्वार पर पहरा देने लगे।</p>
<p><strong>## भगवान शिव और गणेश जी का सामना</strong></p>
<p>कुछ समय बाद भगवान शिव वहां पहुंचे। भगवान शिव अपने घर में प्रवेश करना चाहते थे, लेकिन गणेश जी ने उन्हें रोक दिया।</p>
<p>गणेश जी भगवान शिव को पहचानते नहीं थे और उन्होंने माता पार्वती की आज्ञा को सर्वोपरि माना। भगवान शिव ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन गणेश जी अपने स्थान से नहीं हटे।</p>
<p>इस बात को लेकर दोनों के बीच संघर्ष हुआ। पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव ने क्रोधित होकर गणेश जी का सिर अलग कर दिया।</p>
<p>जब माता पार्वती को इस घटना का पता चला तो वह अत्यंत दुखी और क्रोधित हो गईं। उन्होंने भगवान शिव से अपने पुत्र को पुनर्जीवित करने की मांग की।</p>
<p><strong>## गणेश जी को मिला हाथी का सिर</strong></p>
<p>माता पार्वती के दुःख को देखकर भगवान शिव ने गणेश जी को पुनर्जीवित करने का वचन दिया।</p>
<p>उन्होंने अपने गणों को आदेश दिया कि वे उत्तर दिशा की ओर जाएं और जो पहला जीव मिले, उसका सिर लेकर आएं। गणों को एक हाथी मिला और वे उसका सिर लेकर भगवान शिव के पास आए।</p>
<p>भगवान शिव ने हाथी का सिर गणेश जी के शरीर पर स्थापित किया और उन्हें पुनर्जीवन प्रदान किया।</p>
<p>इसके बाद भगवान शिव ने गणेश जी को आशीर्वाद दिया कि संसार में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा के बिना पूर्ण नहीं मानी जाएगी।</p>
<p>इसी कारण भगवान गणेश को *प्रथम पूज्य* कहा जाता है।</p>
<p>---</p>
<p><strong># गणेश जी और कार्तिकेय की परिक्रमा की कथा</strong></p>
<p>भगवान गणेश की बुद्धि और विवेक से जुड़ी एक प्रसिद्ध कथा भी गणेश चतुर्थी के अवसर पर सुनाई जाती है।</p>
<p>एक बार भगवान शिव और माता पार्वती के दोनों पुत्रों—गणेश और कार्तिकेय—के बीच इस बात को लेकर प्रश्न उठा कि दोनों में अधिक बुद्धिमान कौन है।</p>
<p>तब यह तय किया गया कि जो सबसे पहले पूरे संसार की परिक्रमा करके वापस आएगा, उसे विजेता माना जाएगा।</p>
<p>कार्तिकेय जी अपने वाहन मोर पर सवार होकर संसार की परिक्रमा के लिए निकल पड़े।</p>
<p>भगवान गणेश का वाहन मूषक था। वे जानते थे कि उनके लिए संसार की परिक्रमा करना कठिन होगा। उन्होंने अपनी बुद्धि का प्रयोग किया और भगवान शिव तथा माता पार्वती की सात परिक्रमा कर ली।</p>
<p>जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने संसार की परिक्रमा क्यों नहीं की, तो गणेश जी ने कहा कि *माता-पिता के चरणों में ही संपूर्ण संसार का वास माना जाता है।*</p>
<p>उनकी बुद्धिमत्ता और माता-पिता के प्रति श्रद्धा देखकर भगवान शिव और माता पार्वती अत्यंत प्रसन्न हुए।</p>
<p>यह कथा हमें बताती है कि केवल शारीरिक शक्ति ही नहीं, बल्कि *बुद्धि, विवेक और सही निर्णय लेने की क्षमता* भी जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है।</p>
<p>---</p>
<p><strong># गणेश जी और चंद्रमा की कथा</strong></p>
<p>गणेश जी से जुड़ी एक अन्य प्रसिद्ध कथा चंद्रमा से संबंधित है।</p>
<p>मान्यता के अनुसार एक बार गणेश जी अपने प्रिय मोदक ग्रहण करने के बाद अपने वाहन मूषक पर सवार होकर जा रहे थे। रास्ते में मूषक किसी कारण से असंतुलित हो गया और गणेश जी गिर पड़े।</p>
<p>कहा जाता है कि चंद्रमा ने इस घटना को देखकर गणेश जी का उपहास किया। इससे गणेश जी क्रोधित हो गए और उन्होंने चंद्रमा को श्राप दिया।</p>
<p>बाद में चंद्रमा ने गणेश जी से क्षमा मांगी। गणेश जी ने अपना श्राप कम किया और तभी से गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन को लेकर विशेष धार्मिक मान्यता प्रचलित हुई।</p>
<p>इसी कारण कई परंपराओं में गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन से बचने की सलाह दी जाती है। यह मान्यता धार्मिक परंपरा का हिस्सा है।</p>
<p>---</p>
<p><strong># गणेश चतुर्थी पर कैसे करें पूजा?</strong></p>
<p>गणेश चतुर्थी के दिन श्रद्धालु प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं। इसके बाद पूजा स्थान को साफ करके भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की जाती है।</p>
<p>पूजा में सामान्य रूप से निम्न सामग्री रखी जाती है:</p>
<p><strong>* भगवान गणेश की प्रतिमा</strong><br><strong>* रोली और अक्षत</strong><br><strong>* दूर्वा</strong><br><strong>* फूल</strong><br><strong>* फल</strong><br><strong>* दीपक और धूप</strong><br><strong>* मोदक या अन्य मिठाई</strong><br><strong>* पंचामृत</strong><br><strong>* कलश</strong><br><strong>* पूजा की थाली</strong></p>
<p>इसके बाद भगवान गणेश का ध्यान करके उनका पूजन किया जाता है। उन्हें दूर्वा, फूल और मोदक अर्पित किए जाते हैं। गणेश जी की आरती और गणेश चतुर्थी की व्रत कथा का पाठ किया जाता है।</p>
<p><strong>## गणेश जी को क्यों चढ़ाई जाती है दूर्वा?</strong></p>
<p>धार्मिक मान्यता में दूर्वा को भगवान गणेश को अत्यंत प्रिय माना गया है। इसलिए गणेश पूजा में दूर्वा अर्पित करने की परंपरा है।</p>
<p>इसी प्रकार *मोदक* को भी गणेश जी का प्रिय भोग माना जाता है। गणेश चतुर्थी पर घरों में मोदक बनाकर भगवान को भोग लगाया जाता है।</p>
<p><strong>---</strong></p>
<p><img src="https://rohtakmedia.com/uploads/images/202609/image_870x_6aa6ceddb2683.jpg" alt="" width="808" height="532"></p>
<p><strong># गणेश चतुर्थी हमें क्या संदेश देती है?</strong></p>
<p>गणेश चतुर्थी केवल धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह हमें कई महत्वपूर्ण जीवन-मूल्य भी सिखाती है।</p>
<p><em><strong>*पहला संदेश—बुद्धि और विवेक:*</strong></em><br>गणेश जी की कथाएं बताती हैं कि कठिन परिस्थितियों में बुद्धि और धैर्य से समाधान निकाला जा सकता है।</p>
<p><em><strong>*दूसरा संदेश—माता-पिता का सम्मान:*</strong></em><br>गणेश जी की कथा माता-पिता के प्रति सम्मान और कर्तव्य की सीख देती है।</p>
<p><em><strong>*तीसरा संदेश—अहंकार का त्याग:*</strong></em><br>गणेश जी को सरलता और विनम्रता का प्रतीक माना जाता है।</p>
<p><em><strong>*चौथा संदेश—नई शुरुआत:*</strong></em><br>गणेश जी प्रथम पूज्य हैं, इसलिए उनका पर्व जीवन में शुभ शुरुआत और सकारात्मक सोच का संदेश देता है।</p>
<p><em><strong>## गणेश चतुर्थी पर विशेष प्रार्थना</strong></em></p>
<p>गणेश चतुर्थी के दिन श्रद्धालु भगवान गणेश से परिवार में सुख-शांति, समृद्धि, अच्छी बुद्धि और सभी के कल्याण की प्रार्थना करते हैं।</p>
<p><strong>**गणपति बप्पा मोरया!</strong><br><strong>मंगल मूर्ति मोरया!*</strong>*</p>
<p><strong>### निष्कर्ष</strong></p>
<p><span style="text-decoration: underline;"><em>*14 सितंबर 2026, सोमवार* को देशभर में गणेश चतुर्थी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाएगी। भगवान गणेश की पूजा के साथ उनकी जन्म कथा और अन्य पौराणिक कथाओं का श्रवण भी इस पर्व का महत्वपूर्ण हिस्सा है। गणेश चतुर्थी हमें बुद्धि, विवेक, विनम्रता, माता-पिता के सम्मान और सकारात्मक सोच का संदेश देती है।</em><em></em></span></p>
<p><span style="text-decoration: underline;"><em>इस पावन अवसर पर भगवान गणेश सभी के जीवन से विघ्न दूर करें और सुख, शांति एवं समृद्धि प्रदान करें</em>।</span></p>
<p><strong>*गणपति बप्पा मोरया! </strong></p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>हरियाणा में चल रही प्रमुख योजनाएं 2026: जानिए किस योजना का किसे मिल रहा लाभ</title>
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<description><![CDATA[ हरियाणा में चल रही प्रमुख योजनाएं 2026 ]]></description>
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<pubDate>Sun, 13 Sep 2026 20:56:39 +0530</pubDate>
<dc:creator>Author</dc:creator>
<media:keywords>प्रमुख योजनाएं, हरियाणा, मिल रहा लाभ</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>हरियाणा सरकार द्वारा महिलाओं, किसानों, विद्यार्थियों, गरीब परिवारों, बुजुर्गों और रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। वर्ष 2026 में कुछ योजनाओं में नए बदलाव और विस्तार भी देखने को मिले हैं। नीचे प्रमुख योजनाओं की जानकारी सरल हिंदी में दी जा रही है।</p>
<p><strong>1. दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना</strong></p>
<p>यह हरियाणा की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी प्रमुख योजनाओं में से एक है। इसका उद्देश्य पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उनकी वित्तीय स्वतंत्रता और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना है।</p>
<p><strong>मुख्य लाभ</strong>:</p>
<p>पात्र महिला को ₹2,100 प्रति माह की सहायता का प्रावधान है।<br>योजना में पात्रता के लिए महिला की आयु 23 वर्ष या उससे अधिक बताई गई है।<br>योजना के मूल पात्रता प्रावधानों में परिवार की सत्यापित वार्षिक आय ₹1 लाख तक तथा हरियाणा में निर्धारित अवधि से निवास की शर्त शामिल है।<br>सितंबर 2026 की रिपोर्टों के अनुसार सरकार ने आय सीमा बढ़ाकर ₹1.80 लाख करने का निर्णय बताया है, जिससे योजना का दायरा काफी बढ़ा है।<br>10 सितंबर 2026 को 10.10 लाख महिलाओं को योजना की 11वीं किस्त के रूप में लगभग ₹212 करोड़ DBT से दिए जाने की जानकारी सामने आई।</p>
<p>आवेदन: योजना के आवेदन के लिए केवल आधिकारिक माध्यम का उपयोग करना चाहिए, क्योंकि सरकार ने फर्जी लिंक और फॉर्म से सावधान रहने की सूचना दी है।</p>
<p><strong>2. हर घर-हर गृहिणी योजना</strong></p>
<p>यह योजना परिवारों, विशेषकर महिलाओं और गृहिणियों को घरेलू खर्च में राहत देने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। सरकार द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के साथ इसके लाभ भी DBT के माध्यम से लाभार्थियों तक पहुंचाए जा रहे हैं।</p>
<p>10 अगस्त 2026 को हरियाणा सरकार द्वारा दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, दयालु योजना, हर घर-हर गृहिणी और हरित खाद योजना सहित विभिन्न योजनाओं के लगभग 50 लाख लाभार्थियों को ₹1,595 करोड़ DBT के माध्यम से भेजे जाने की जानकारी राज्यपाल के आधिकारिक वक्तव्य में दी गई।</p>
<p><strong>3. दयालु योजना</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार परिवहन/दयालु परिवार जैसी सहायता व्यवस्था का उद्देश्य पात्र परिवारों को कठिन परिस्थितियों में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।</p>
<p>2026 में सरकार द्वारा दयालु योजना के लाभार्थियों को भी DBT के माध्यम से राशि उपलब्ध कराई गई है। 10 सितंबर 2026 को विभिन्न योजनाओं के साथ दयालु योजना के लाभार्थियों को भी भुगतान किए जाने की जानकारी दी गई।</p>
<p>इस तरह की योजनाओं में लाभ और पात्रता परिवार की स्थिति तथा सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर निर्धारित होती है।</p>
<p><strong>4. मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना</strong></p>
<p>इस योजना का मुख्य उद्देश्य कम आय वाले परिवारों की आय बढ़ाना और उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है।</p>
<p>इसके अंतर्गत पात्र परिवारों को उनकी स्थिति के अनुसार विभिन्न विभागों की योजनाओं, प्रशिक्षण, ऋण और रोजगार संबंधी अवसरों से जोड़ा जाता है। हरियाणा सरकार की योजनाओं में अंत्योदय को महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है।</p>
<p>किसके लिए उपयोगी?</p>
<p>कम आय वाले परिवार<br>बेरोजगार युवा<br>स्वरोजगार शुरू करने वाले व्यक्ति<br>छोटे व्यवसाय/उद्यम शुरू करने के इच्छुक परिवार</p>
<p><img src="https://rohtakmedia.com/uploads/images/202507/image_870x_68772c7fca1d8.jpg" alt="" width="450" height="336" style="display: block; margin-left: auto; margin-right: auto;"></p>
<p><br><strong>5. डॉ. अंबेडकर मेधावी छात्र संशोधित योजना</strong></p>
<p>यह विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण छात्रवृत्ति योजना है। इसका उद्देश्य मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की दिशा में आर्थिक सहायता देना है।</p>
<p>2026-27 की महत्वपूर्ण जानकारी:<br>हरियाणा सरकार ने इस योजना के लिए 17 अगस्त 2026 से 30 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं।</p>
<p>यह योजना विशेष रूप से पात्र SC/BC विद्यार्थियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए महत्वपूर्ण है। हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की आधिकारिक सूची में भी इसे राज्य की शैक्षणिक योजनाओं में शामिल किया गया है।</p>
<p><strong>6. मेरी फसल मेरा ब्यौरा</strong></p>
<p>यह किसानों के लिए हरियाणा की महत्वपूर्ण डिजिटल व्यवस्था है। इसके माध्यम से किसान अपनी फसल, खेत और कृषि संबंधी जानकारी का पंजीकरण कर सकते हैं।</p>
<p>इसके प्रमुख उद्देश्य हैं:</p>
<p>किसान और फसल का पंजीकरण<br>सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना<br>बीज, खाद, ऋण और कृषि उपकरणों से संबंधित सहायता<br>मंडी और फसल बिक्री संबंधी जानकारी<br>प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान होने पर सहायता पहुंचाने में मदद</p>
<p>आधिकारिक पोर्टल के अनुसार खरीफ 2026 फसल पंजीकरण शुरू किया गया था और इसकी अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 थी।</p>
<p><strong>7. आयुष्मान भारत–चिरायु हरियाणा</strong></p>
<p>स्वास्थ्य के क्षेत्र में आयुष्मान भारत और हरियाणा की चिरायु व्यवस्था महत्वपूर्ण है। पात्र परिवारों को सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।</p>
<p>आधिकारिक हरियाणा आयुष्मान भारत पोर्टल के अनुसार PM-JAY के तहत पात्र परिवारों को ₹5 लाख प्रति परिवार प्रति वर्ष तक का स्वास्थ्य कवर मिलता है और सूचीबद्ध सरकारी तथा निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध है।</p>
<p><strong>8. सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं</strong></p>
<p>हरियाणा में बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगजनों, जरूरतमंद बच्चों और अन्य पात्र वर्गों के लिए कई सामाजिक सुरक्षा योजनाएं चल रही हैं।</p>
<p>इनमें शामिल हैं:</p>
<p>वृद्धावस्था सम्मान भत्ता<br>विधवा एवं निराश्रित महिला पेंशन<br>दिव्यांग पेंशन<br>निराश्रित बच्चों के लिए आर्थिक सहायता<br>लाडली सामाजिक सुरक्षा योजना<br>विधुर एवं अविवाहित व्यक्तियों के लिए सहायता<br>गंभीर/दुर्लभ बीमारियों से संबंधित सहायता</p>
<p>हरियाणा के सामाजिक न्याय विभाग की आधिकारिक सूची में इन योजनाओं के साथ दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना भी शामिल है।</p>
<p><strong>9. PM SHRI स्कूलों में बैगलेस लर्निंग कार्यक्रम</strong></p>
<p>शिक्षा के क्षेत्र में 2026-27 सत्र के लिए हरियाणा में 250 PM SHRI सरकारी स्कूलों में 10-दिवसीय बैगलेस लर्निंग कार्यक्रम शुरू करने की योजना है।</p>
<p>इसमें विद्यार्थियों को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय खेतों, बाजारों, उद्योगों और ऐतिहासिक स्थलों जैसे स्थानों से व्यावहारिक अनुभव दिलाने पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए ₹9.3 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है और 551 कौशल क्षेत्रों को जोड़े जाने की जानकारी सामने आई है।</p>
<p><strong>10. किसानों के लिए कृषि एवं बागवानी योजनाएं</strong></p>
<p>हरियाणा में किसानों के लिए मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना, मेरी फसल मेरा ब्यौरा, भावांतर भरपाई जैसी व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण हैं। राज्यपाल के अगस्त 2026 के आधिकारिक वक्तव्य में भी इन योजनाओं को किसान कल्याण से जोड़कर बताया गया है।</p>
<p>इनका उद्देश्य फसल जोखिम कम करना, किसानों को बाजार एवं सरकारी सहायता से जोड़ना और कृषि आय को मजबूत करना है।</p>
<p>योजनाओं का लाभ कैसे लें?</p>
<p>हरियाणा सरकार का SARAL Haryana पोर्टल विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन माध्यम है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार SARAL के माध्यम से 44 विभागों/बोर्ड/निगमों की 545 से अधिक सेवाओं और योजनाओं के लिए आवेदन तथा आवेदन की स्थिति ट्रैक करने की सुविधा उपलब्ध है।</p>
<p>ध्यान रखें: किसी भी योजना के लिए आवेदन करने से पहले पात्रता, आय सीमा, दस्तावेज और आवेदन की अंतिम तारीख की जानकारी संबंधित आधिकारिक हरियाणा सरकार के पोर्टल से जरूर जांचें।</p>
<p><strong>निष्कर्ष</strong></p>
<p>हरियाणा में 2026 के दौरान योजनाओं का मुख्य फोकस महिला सशक्तिकरण, गरीब परिवारों की आय बढ़ाना, किसानों को सहायता, विद्यार्थियों को प्रोत्साहन, स्वास्थ्य सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा पर दिखाई देता है। खासतौर पर दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना, मेरी फसल मेरा ब्यौरा, डॉ. अंबेडकर मेधावी छात्र संशोधित योजना और PM SHRI बैगलेस लर्निंग कार्यक्रम वर्तमान समय में उल्लेखनीय पहल हैं।</p>
<p><strong>नोट:</strong> <em>योजनाओं की पात्रता और राशि समय-समय पर सरकार द्वारा बदली जा सकती है, इसलिए पोस्ट प्रकाशित करने से पहले नवीनतम सरकारी नोटिफिकेशन देखना उचित रहेगा।</em></p>]]> </content:encoded>
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