15 क्विंटल है 4 साल के भैंसे का वजन, नाम है मोदी; हर महीने 10 हजार रुपए सिर्फ खूबसूरती पर खर्च हो रहे

(संदीप छाबड़ा). बड़े-बड़े राजनेताओं और अन्य वर्गों के लोगों को तो आपने सोशल मीडिया पर चर्चित होते खूब देखा और सुना होगा। अब अगर कोई कहे एक भैंसे के 5 लाख फैन हैं तो शायद...

15 क्विंटल है 4 साल के भैंसे का वजन, नाम है मोदी; हर महीने 10 हजार रुपए सिर्फ खूबसूरती पर खर्च हो रहे
15 क्विंटल है 4 साल के भैंसे का वजन, नाम है मोदी; हर महीने 10 हजार रुपए सिर्फ खूबसूरती पर खर्च हो रहे

(संदीप छाबड़ा). बड़े-बड़े राजनेताओं और अन्य वर्गों के लोगों को तो आपने सोशल मीडिया पर चर्चित होते खूब देखा और सुना होगा। अब अगर कोई कहे एक भैंसे के 5 लाख फैन हैं तो शायद यह बात किसी को हजम नहीं होगी, पर है एकदम सोलह आने सच। मोदी नाम का यह भैंसा इन दिनों खासा चर्चित है। दरअसल, डेयरी फार्म्स एसोसिएशन की ओर से कुरुक्षेत्र के थीम पार्क में पशु मेले की शुरुआत हुई, इसमें पंजाब के फाजिल्का से मोदी नामक भैंसे को ले जाया गया है।

यहां यह हर किसी के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हो भी क्यों न, बीते साल यह देशभर में चैंपियन जो रहा है। क्या हैं इस भैंसे की खासियतें और मोदी नाम क्यों पड़ा, दैनिक भास्कर इन तमाम बातों से आपको रू-ब-रू करा रहा है। खूबसूरती पर होते हैं 10 हजार रुपए हर महीने खर्च...

 

फाजिल्का जिले के गांव बैरोकी के पशु पालक शेरबाज सिंह के पास 22 भैंसे व 28 भैंसें हैं, जिनमें से मोदी नामक भैंसा सबसे लोकप्रिय है। इसकी मां का नाम लक्ष्मी है, जिसके नाम पर शेरबाज लक्ष्मी डेयरी फार्मिंग के नाम से पशु पालन और नस्ल सुधार के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम दुनियाभर में मशहूर है, इसलिए उन्होंने भैंसे को मशहूर करने के लिए उसका नाम मोदी रखा। दिसंबर 2019 मेंलुधियाना के जगराओं में आयोजित ऑल इंडिया चैंपियनशिप का खिताब अपनी चाल-ढाल और सुंदरता के दम पर जीता था।

 

इस भैंसे को फिट रखने के लिए उसे सुबह शाम सैर पर करवाई जाती है। बैठने के लिए गद्दे लगाए जाते हैं। गर्मी से बचाने के लिए कूलर का प्रबंध किया गया है तो सर्दी से बचाने से बचाने के लिए अंगीठी भी जलाई जाती है। समयानुसार गेहूं का दलिया, चना-चूरी, सरसों की खल और खांडा खिलाया जाता है। इसके अलावा मुर्राह नस्ल के इस भैंसे की उम्र चार साल और वजन 15 क्विंटल है। खूबसूरती पर हर महीने 10 हजार रुपए प्रतिमाह खर्च होते हैं। एक आदमी स्पेशली मोदी की साज-सज्जा और रेगुलर बॉडी मसाज के लिए रखा गया है। वह मोूदी के चेहरे का पूरा मेकअप, सींगों पर काला पेंट व रेगुलर बॉडी मसाज करता है।

 

चार साल के इस भैंसे के सोशल मीडिया पर लक्ष्मी डेयरी फार्मिंग के नाम से बने फेसबुक पेज पर साढ़े पांच लाख से अधिक फॉलोअर हैं। इसके मालिक वरिंदर सिंह (शेरबाज सिंह के पुत्र) ने बताया कि पहले मोदी के अग्रज नस्ल के पशु (भैंस लक्ष्मी और भैंसा, जिसके सीमन से मोदी पैदा हुआ) अपने समय में चैंपियन रहे हैं। लक्ष्मी ने साल 2016 में सबसे अधिक 24 किलो दूध देकर ऑल इंडिया चैंपियन का खिताब जीता था।

इस खिताब के साथ दो लाख रुपए का नकद इनाम मिला था। अब मोदी ने जहां इनामों की झड़ी लगानी शुरू कर दी है, वहीं इसके सीमन से भी अच्छी कमाई हो रही है। मालिक की मानें तो उन्होंने दो माह पहले ही इसके सीमन को बेचना शुरू किया।