राष्ट्रपति ने परीकुल को बाल शक्ति पुरस्कार से नवाजा, आज प्रधानमंत्री करेंगे सम्मानित

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को झज्जर के खरहर गांव निवासी 13 वर्षीय परीकुल भारद्वाज को राष्ट्रीय बाल शक्ति पुरस्कार से नवाजा...

राष्ट्रपति ने परीकुल को बाल शक्ति पुरस्कार से नवाजा, आज प्रधानमंत्री करेंगे सम्मानित
राष्ट्रपति ने परीकुल को बाल शक्ति पुरस्कार से नवाजा, आज प्रधानमंत्री करेंगे सम्मानित

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को झज्जर के खरहर गांव निवासी 13 वर्षीय परीकुल भारद्वाज को राष्ट्रीय बाल शक्ति पुरस्कार से नवाजा। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार दो मुख्य श्रेणियों-बाल शक्ति पुरस्कार और बाल कल्याण पुरस्कार में दिए गए।

परीकुल को 23 जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी भी सम्मानित करेंगे। अवाॅर्ड मिलने के बाद परीकुल का सजी-धजी खुली जीप में स्वागत किया। परिजनों और सभी लोगों ने माला पहना कर अभिनंदन भी किया। बाल शक्ति पुरस्कार लड़कों और लड़कियों को अन्वेषण, पढ़ाई, खेलकूद, कला और संस्कृति, सामाजिक सेवा और बहादुरी के क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन के लिए दिए गए।

राष्ट्रपति कोविंद ने महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी और अन्य हस्तियों की मौजूदगी में राष्ट्रपति भवन में ये पुरस्कार दिए। सामाजिक सेवा के क्षेत्र में कठिन हालात में श्री केदारनाथ धाम की यात्राओं में आए श्रद्धालुओं को चिकित्सा मुहैया कराने के उपलक्ष्य में परीकुल भारद्वाज को बाल शक्ति पुरस्कार से नवाजा गया।

परीकुल ने कठिन परिस्थितियों को सामना करते हुए लगातार 45 दिन तक अपनी सेवाएं दी थीं। परीकुल को सम्मान स्वरूप एक लाख रुपए की राशि, 10 हजार रुपए का बुक वाउचर, मेडल और प्रमाण पत्र प्रदान किया।

14000 फीट ऊंचाई पर पीड़ितों की बचाई थी जान

परिकुल का इस बचाव कार्य के लिए प्रशिक्षण बहुत ही सख्ती से सिक्स सिग्मा हाई अल्टिट्यूड सेवाओं, आईटीबीपी, एनडीआरएफ एवं वायु सेना की ओर से हुआ है। लोगों की जान बचाने के लिए कार्य करने वाली सबसे कम आयु की यह पहली लड़की हैं। परिकुल भारद्वाज ने 2 जून 2019 में ऊंचे पहाड़ों पर 14000 फीट की ऊंचाई पर अचानक बर्फीली हवा के चलते हताहत और अचानक बीमार पड़ने वाले पीड़ितों की जान बचाकर साहसिक कार्य किया था।

नेशनल ज्योग्राफिक चैनल ने की प्रशंसा

नेशनल ज्योग्राफिक चैनल ने भी परिकुल के इस साहसिक व निस्वार्थ रूप से किए गए अथक प्रयासों पर प्रकाश डाला है। साथ ही प्रशंसा की। पिता डॉ. प्रदीप भारद्वाज ने कहा कि परिकुल कम आयु में ही राष्ट्र के लिए गौरव सिद्ध हुई हैं। उनका इस बचाव कार्य के लिए प्रशिक्षण बहुत ही सख्ती से सिक्स सिग्मा हाई अल्टिट्यूड सेवाओं, आईटीबीपी, एनडीआरएफ एवं वायु सेना की ओर से किया गया है।