CBSE: 10वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स के लिए खुशखबरी, अब नॉन प्रेक्टिकल सब्जेक्ट्स में जुड़ेंगे इंटरनल असेसमेंट के नंबर

सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं कक्षा के में सभी विषयों में पास होने के लिए अंकों की व्यवस्था (पैटर्न) में बदलाव किया है. जिसका मकसद छात्रों में बढ़ रहे बोझ और तनाव को कम करना है.

CBSE: 10वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स के लिए खुशखबरी, अब नॉन प्रेक्टिकल सब्जेक्ट्स में जुड़ेंगे इंटरनल असेसमेंट के नंबर
CBSE: 10वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स के लिए खुशखबरी, अब नॉन प्रेक्टिकल सब्जेक्ट्स में जुड़ेंगे इंटरनल असेसमेंट के नंबर

नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं और 12वीं कक्षा के में सभी विषयों में पास होने के लिए अंकों की व्यवस्था (पैटर्न) में बदलाव किया है. नई व्यवस्था के तहत जिन विषयों में प्रेक्टिकल परीक्षा नहीं होती है उनमें अब छात्रों के इंटरनल असेसमेंट के अंक भी जोड़े जाएंगे. बोर्ड ने तय किया है कि 10वीं कक्षा के छात्रों को पास होने के लिए अब हर विषय में थ्योरी और प्रेक्टिकल परीक्षा को मिलाकर 33 प्रतिशत नंबर लाने होंगे जबकि 12वीं के छात्रों के लिए प्रेक्टिकल, थ्योरी परीक्षा के साथ ही इंटरनल असेसमेंट में भी अलग-अलग 33 फीसदी अंक लाना जरूरी होगा. बोर्ड छात्रों पर बोझ कम करने के लिए 10वीं कक्षा में मार्च 2020 से गणित विषय में दो स्तरीय परीक्षा भी लेने जा रहा है.

 

सीबीएसई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्कूलों को पास अंक मानदंड की जानकारी उपलब्ध करा दी गई है और इस बारे में एक सर्कुलर भी जारी किया गया है जिसमें विषयवार नंबर और उसके हिसाब से पास करने के अंक का ब्यौरा दिया गया है. नए मानदंड के मुताबिक 10वीं कक्षा में पास होने के लिए हर विषय में थ्योरी और प्रेक्टिकल परीक्षा में मिलाकर 33 प्रतिशत नंबर लाने होंगे, लेकिन 12वीं में ऐसा नहीं है. 12वीं कक्षा के छात्रों को पास होने के लिए प्रेक्टिकल, थ्योरी पेपर के साथ ही इंटरनल असेसमेंट में अलग-अलग 33 फीसदी नंबर लाने होंगे.

 

इसके तहत बोर्ड की 12वीं परीक्षा में 70 अंक वाले विषय में 23 अंक और 80 अंक वाले विषय में 26 अंक लाना अनिवार्य होगा. इतने अंक लाने के बाद ही छात्र पास हो पाएंगे. वहीं प्रेक्टिकल परीक्षा में 20 में छह नंबर लाना जरूरी है. सीबीएसई ने 2020 सत्र से सभी विषयों की अंक व्यवस्था में बदलाव किया है. अधिकारियों ने बताया कि जिन विषयों में प्रेक्टिकल परीक्षा नहीं होती है, उन विषयों में इस बार से इंटरनल असेसमेंट की व्यवस्था की गई है. अधिकतर विषयों में आंतरिक मूल्याकन के तहत 20 अंक रखे गए हैं. वहीं प्रेक्टिकल परीक्षा 30 अंकों की होगी.

 

सीबीएसई इस बार से 10वीं कक्षा में मार्च 2020 को समाप्त हो रहे सत्र से गणित विषय में दो स्तरीय परीक्षा लेने जा रहा है. बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि इसके तहत एक परीक्षा स्टैंडर्ड गणित और दूसरी बेसिक गणित की होगी. उन्होंने बताया नेशनल करीकुलम 2005 के परीक्षा सुधार पर नेशनल फोकस ग्रुप के पत्र में कहा गया है कि छात्रों और स्कूलों को विषय चुनने संबंधी विकल्प की कुछ छूट होनी चाहिए जिसमें दो स्तरीय परीक्षा व्यवस्था हो. इससे छात्रों पर से बोझ और तनाव कम होगा.

 

सीबीएसई के अधिकारी के मुताबिक इसी के अनुरूप मार्च 2020 को समाप्त सत्र से 10वीं कक्षा में गणित विषय में दो स्तरीय परीक्षा लेने की बात कही गई है. दोनों स्तर की परीक्षा के लिये सिलेबस कक्षा की पढ़ाई और आंतरिक मूल्यांकन समान रहेगा. बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि स्टैंडर्ड परीक्षा उन छात्रों के लिए होगा जो उच्च माध्यमिक स्तर पर गणित विषय लेंगे. जबकि बेसिक गणित परीक्षा उन छात्रों के लिए होगा जो उच्च स्तर पर गणित लेने के इच्छुक नहीं होंगे.

 

बेसिक गणित के प्रश्न आसान जबकि स्टैंडर्ड गणित के प्रश्न कठिन और कॉन्सेप्ट आधारित रहेंगे. सीबीएसई ने सभी विद्यालयों से 10वीं और 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षाएं 16 से 30 दिसंबर तक कराने के निर्देश दिए हैं. प्री-बोर्ड परीक्षा के लिए बोर्ड की टाइम टेबल जारी कर दिया गया है. बोर्ड ने प्री-बोर्ड की परीक्षाएं विद्यालयों को दो पारियों में से किसी एक पारी में अपनी सुविधानुसार कराने का निर्देश दिया है.

सुबह की पारी में सुबह 9.30 से दोपहर 12.30 बजे और शाम की पारी में दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक प्री-बोर्ड परीक्षाएं कराई जा सकती हैं. सभी विद्यालयों में अपलोड विषयवार सैंपल पेपर भी विद्यार्थियों से हल कराए जा रहे हैं, ताकि उन्हें परीक्षा के लिए तैयार किया जा सके.

 

source:abpnews