एक मेंबर ने कंट्रोलर को सूचना भेज किया खुलासा, एकेडमी के वाॅट्सएप ग्रुप में आता था पेपर

चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी की ओर से आयोजित परीक्षा के दौरान दो प्रश्न पत्र लीक होने के कारण 30 हजार विद्यार्थी प्रभावित हुए और अब उनका भविष्य संकट में है...

एक मेंबर ने कंट्रोलर को सूचना भेज किया खुलासा, एकेडमी के वाॅट्सएप ग्रुप में आता था पेपर
एक मेंबर ने कंट्रोलर को सूचना भेज किया खुलासा, एकेडमी के वाॅट्सएप ग्रुप में आता था पेपर

सिरसा.चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी की ओर से आयोजित परीक्षा के दौरान दो प्रश्न पत्र लीक होने के कारण 30 हजार विद्यार्थी प्रभावित हुए और अब उनका भविष्य संकट में है। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ कि फतेहाबाद की एक एकेडमी के वाॅट्सएप ग्रुप में लीक होकर पेपर आता था। ग्रुप के ही एक सदस्य ने एग्जाम कंट्रोलर को सूचना देकर मामले का खुलासा कर दिया। सीडीएलयू प्रशासन ने एसपी को पत्र लिख दिया और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

 

सीडीएलयू के एग्जाम कंट्रोलर के वाट्सएप पर ही भेज दिया पेपर
सूत्र बताते हैं कि फतेहाबाद में निजी एकेडमी संचालित की जा रही है जिसका वाट्सएप ग्रुप बनाया गया था। 5 से 6 हजार रुपये फीस वसूलकर इस ग्रुप का मैंबर बनाया जाता था। इसकी एवज में दावा था कि सुविधा के नाम पर सीडीएलयू की ओर से आयोजित होने वाली परीक्षाओं के प्रश्न पत्र उपलब्ध करवाए जाएंगे। शर्त ये भी थी कि ग्रुप से बाहर पेपर नहीं जाना चाहिए। लेकिन ग्रुप के एक सदस्य ने इसका खुलासा करते ही सीडीएलयू के एग्जाम कंट्रोलर के वाट्सएप पर ही पेपर भेज दिया।

 

एसपी से मिले सीडीएलयू के प्राध्यापक, नए वीसी के समक्ष भी उठ चुका मुद्दा
बुधवार को सीडीएलयू के कई प्राध्यापक एसएसपी डॉ. अरुण नेहरा से मिले। उन्होंने पेपर लीक मामले की गहनता से जल्द से जल्द करवाए जाने की गुजारिश की। एसपी ने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। सीडीएलयू के वीसी रहे प्रो. विजय कायत का कार्यकाल 23 दिसंबर को समाप्त हो गया। नए वीसी प्रो. राजबीर सिंह सौलंकी ने कार्यभार संभाला। नए वीसी के समक्ष भी सीडीएलयू के कई प्राध्यापकों ने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अंदेशा जताया कि हर वर्ष पेपर लीक होते हैं, लेकिन इस बार खुलासा हो गया। इस कारण सीडीएलयू का नाम बदनाम हो रहा है।

 

पुलिस मामले की अलग-अलग एंगल से करेगी जांच
सीडीएलयू के वीसी रहे प्रो. विजय कायत ने इस मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन किया। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट दी। साथ ही पुलिस जांच करवाए जाने का भी कमेटी सदस्यों ने सुझाव दिया। अब सीडीलयू के रजिस्ट्रार डॉ. राकेश वधवा ने एसपी को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की जांच की गुजारिश की है। पुलिस अलग-अलग एंगल से जांच करेगी और सभी पक्षों को भी शामिल करेगी।

 

काॅमर्स और बीएससी केमिस्ट्री के पेपर हो गए थे लीक
सीडीएलयू की ओर से परीक्षाएं संचालित की जा रही थी। इस दौरान 16 दिसंबर को काॅमर्स और 17 दिसंबर को बीएससी केमिस्ट्री के पेपर लीक हो गए। परीक्षा नियंत्रक के पास किसी अज्ञात नंबर से कॉल आई कि प्रश्न पत्र लीक हो गए हैं। साथ ही परीक्षा नियंत्रक के वाॅट्सएप पर भी प्रश्न पत्र की फोटो आ गई।

 

परीक्षा नियंत्रक ने इन्हें प्रश्न पत्रों से मिलाया तो पुष्टि हो गई। इस पर परीक्षा नियंत्रक ने दोनों दिन परीक्षा शुरू हाेने से पहले ही पेपर रद्द कर दिए। इतना ही नहीं परीक्षा नियंत्रक ने वीसी को फाइल भेजकर स्थिति से अवगत कराया, जिस पर वीसी ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए। जांच के लिए तीन प्राध्यापकों पर आधारित कमेटी का गठन किया गया।

 

जांच अधिकारियों ने जांच की और सभी परीक्षा केंद्रों से अधीक्षकाें को प्रश्न पत्रों के रिकार्ड सहित तलब किया। जांच कमेटी ने रिपोर्ट वीसी को सौंप दी। इसमें खुलासा किया गया कि फतेहाबाद के निजी कॉलेज से पेपर लीक होने का अंदेशा है। इतना ही नहीं, पुलिस जांच की भी सिफारिश की गई।

पुलिस जांच के लिए एसपी को पत्र लिख दिया है: रजिस्ट्रार
हमने अपने स्तर पर जांच कर ली है और अब आगामी कार्रवाई के लिए एसपी को पत्र लिख दिया है। आगे की कार्रवाई पुलिस करेगी।
-डॉ. राकेश, रजिस्ट्रार, सीडीएलयू, सिरसा।

जांच शुरू कर दी है: एसपी
सीडीएलयू की ओर से पत्र आया है। इसमें कहा गया है कि पेपर लीक मामले की जांच हुई है और कुछ सुराग मिले हैं। इसलिए अब पुलिस जांच शुरू कर दी गई है।
-डॉ. अरूण नेहरा, एसएसपी, सिरसा।

 

source:bhaskar