नैफेड समेत 5 एजेंसी इसबार करेंगी 85 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद

सुशील भार्गव).हरियाणा में अबकी बार गेहूं की खरीद नैफेड भी करेगी। नैफेड द्वारा करीब 10 फीसदी गेहूं की खरीद की जाएगी। यह 8.5 लाख एमटी के करीब होगी। हरियाणा में हैफेड सबसे अधिक गेहूं की खरीद करता है। प्रदेश में अप्रैल से गेहूं की खरीद...

नैफेड समेत 5 एजेंसी इसबार करेंगी 85 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद
नैफेड समेत 5 एजेंसी इसबार करेंगी 85 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद

चंडीगढ़ (सुशील भार्गव).हरियाणा में अबकी बार गेहूं की खरीद नैफेड भी करेगी। नैफेड द्वारा करीब 10 फीसदी गेहूं की खरीद की जाएगी। यह 8.5 लाख एमटी के करीब होगी। हरियाणा में हैफेड सबसे अधिक गेहूं की खरीद करता है। प्रदेश में अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू होती है, लेकिन विभाग ने अभी से इसकी तैयारी शुरू कर दी है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने खरीद के पुख्ता प्रबंध करने के आदेश दिए हैं।


पांच खरीए एजेंसी अबकी बार गेहूं की खरीद करेंगी, ताकि खरीद के दौरान किसानों को किसी तरह की दिक्कत न हो। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नैफेड केंद्र की खरीद एजेंसी है। प्रदेश में करीब 125 लाख टन गेहूं का उत्पादन होता है, लेकिन मंडियों में हर बार करीब 85 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद के इंतजाम किए जाते रहे हैं।

 

अबकी बार पहले से गेहूं खरीद के प्रबंध शुरू कर दिए गए हैं, बारदाना आदि को लेकर अभी से संबंधित एजेंसियों को कह दिया गया है, ताकि सीजन के बीच में किसानों के गेहूं की खरीद में किसी तरह की कमी न रहे।

 

ये होगी एजेंसी वाइज खरीद
सूत्रों के अनुसार वर्ष 2020-21 के लिए अप्रैल में गेहूं खरीद के लिए पांच एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें हैफेड 45 फीसदी, खाद्य विभाग 20, हरियाणा वेयर हाउस कारपोरेशन 20 फीसदी, भारतीय खाद्य निगम पांच फीसदी और नैफेड 10 फीसदी गेहूं की खरीद करेगी। जबकि वर्ष 2029-20 में हैफेड को 40, खाद्य विभाग को 33, हरियाणा वेयर हाउस कारपोरेशन को 15 और भारतीय खाद्य निगम 12 फीसदी खरीद का जिम्मा सौंपा गया था।

खरीद से पहले होगी बैठक
गेहूं खरीद में भले ही अभी चार माह का समय हो, लेकिन खरीद शुरू होने से ठीक पहले सभी खरीद एजेेंसियों की बैठक होगी। इसमें मंडियों का आबंटन किया जाएगा। नैफेड मंडी आवंटन के लिए जिलों की प्राथमिकता उपलब्ध कराएगी। गेहूं खरीद के लिए जो मंडियों आवंटित की जाएंगी उनमें नैफेड के साथ खाद्य विभाग व हैफेड के साथ हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन कवरिंग एजेंसी के रूप में रहेगी।

 

पिछले 15 दिनों से प्रदेश में कड़ाके की ठंड से फसल को लाभ
पिछले करीब 15 दिनों से प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है इससे गेहूं की फसल को लाभ होगा। फसल की बढ़वार अच्छी होगी और उत्पादन भी बंपर होने की उम्मीद है। कृषि अधिकारियों के अनुसार जितनी ठंड पड़ेगी उतना ही गेहूं की फसल को लाभ होगा।

 

25 लाख हेक्टेयर में होती है गेहूं की फसल
प्रदेश में करीब 25 लाख हेक्टेयर में गेहूं की फसल उगाई जाती है। अबकी बार लगभग इतनी ही फसल की बिजाई किसानों ने की है। पिछली बार प्रदेश में 94 लाख टन के करीब गेहूं की आवक मंडियों में हुई थी। प्रदेश में करीब 125 लाख एमटी गेहूं का उत्पादन होता है, लेकिन किसान अपने खर्च का गेहूं घर पर रखकर शेष गेहूं को मंडियों में बेच देते हैं।

सरकार को गेहूं खरीद के पहले से पुख्ता प्रबंध करने होते हैं। रबी सीजन में गेहूं की फसल सबसे बड़ी फसल है। हरियाणा की ओर से केंद्रीय पूल में करीब 15 फीसदी गेहूं का योगदान दिया जाता है।